पंचांग 6 मार्च : शुक्रवार को 'फाल्गुन तृतीया' और हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 6 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना जा रहा है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज चंद्रमा कन्या राशि में स्थित होंगे और हस्त नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। हस्त नक्षत्र को सफलता और कौशल का नक्षत्र माना जाता है, जो रचनात्मक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है।
आज का पंचांग विवरण (6 March 2026)
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तिथि: फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, तृतीया।
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वार: शुक्रवार।
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संवत्: विक्रम संवत् 2082 (नल)।
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नक्षत्र: आज हस्त नक्षत्र का प्रभाव शाम तक रहेगा, उसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
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योग: आज गण्ड योग का निर्माण हो रहा है, जिसके बाद वृद्धि योग शुरू होगा।
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करण: वणिज और विष्टि (भद्रा)।
सूर्य और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: सुबह 06:40 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:24 PM
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चंद्रोदय: रात 09:00 PM
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चंद्रास्त: सुबह 08:12 AM (7 मार्च)
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चंद्र राशि: कन्या (चंद्रमा आज पूरे दिन कन्या राशि में ही रहेंगे)।
शुभ और अशुभ मुहूर्त (Auspicious & Inauspicious Timings)
शुक्रवार के दिन राहुकाल में यात्रा या धन का बड़ा लेन-देन करने से बचना चाहिए। शुभ कार्यों के लिए 'अभिजीत मुहूर्त' का चुनाव करें।
| मुहूर्त प्रकार | समय |
| अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ) | दोपहर 12:08 PM से 12:55 PM तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:29 PM से 03:16 PM तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:22 PM से 06:47 PM तक |
| राहुकाल (वर्जित समय) | सुबह 11:03 AM से दोपहर 12:32 PM तक |
| यमगण्ड | दोपहर 03:28 PM से शाम 04:56 PM तक |
| गुलिक काल | सुबह 08:08 AM से 09:35 AM तक |
आज का विशेष महत्व और उपाय
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महालक्ष्मी पूजन: शुक्रवार का दिन लक्ष्मी जी को समर्पित है। आज हस्त नक्षत्र के संयोग में 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
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कन्या दान/भोजन: आज छोटी कन्याओं को मिश्री या खीर खिलाना सौभाग्य दायक माना जाता है।
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शुक्र ग्रह की शांति: यदि कुंडली में शुक्र कमजोर है, तो आज के दिन सफेद वस्त्र पहनें और सुगंधित इत्र का प्रयोग करें।
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नया कार्य: हस्त नक्षत्र में तकनीकी या हाथ से किए जाने वाले हुनर (Skill-based) के कार्यों की शुरुआत करना बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।
आज का मंत्र
शुक्रवार की शुभता बढ़ाने के लिए आज "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पंचांग ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। आपके शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों के समय में कुछ सेकंड या मिनट का अंतर हो सकता है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी राशि के अनुसार आज 'लक्ष्मी कृपा' पाने के लिए आपको कौन सा विशेष दान करना चाहिए?

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