पंचांग 11 फरवरी : बुद्ध पूर्णिमा की ओर बढ़ते फाल्गुन मास की नवमी, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है जो ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर निर्भर करता है। 11 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। कल बुधवार होने के कारण बौद्धिक कार्यों, व्यापारिक सौदों और शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए दिन विशेष फलदायी रहेगा।
आज की तिथि और नक्षत्र
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तिथि: नवमी (फाल्गुन, कृष्ण पक्ष)। यह तिथि दोपहर तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी।
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नक्षत्र: कल अनुराधा नक्षत्र रहेगा। अनुराधा नक्षत्र के स्वामी 'शनि देव' हैं और इसके देवता 'मित्र' (सूर्य के एक रूप) हैं। यह नक्षत्र सफलता और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है।
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योग: व्याघात योग (दोपहर तक), इसके बाद हर्षण योग शुरू होगा जो शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
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करण: गर और वणिज।
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: सुबह 07:02 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:08 बजे
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चन्द्रोदय: रात 01:41 बजे (12 फरवरी की रात)
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चन्द्रास्त: दोपहर 12:02 बजे
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चंद्र राशि: चंद्रमा कल वृश्चिक राशि में संचार करेंगे।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
कल यदि आप कोई मांगलिक या नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो इन समयों का ध्यान रखें:
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अभिजीत मुहूर्त: कल कोई स्पष्ट अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है (बुधवार को अक्सर यह टल जाता है), लेकिन विजय मुहूर्त दोपहर 02:26 बजे से 03:11 बजे तक रहेगा।
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अमृत काल: रात 08:15 बजे से 09:50 बजे तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:21 बजे से 06:11 बजे तक।
अशुभ समय (सावधान रहें)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में किसी भी नए काम की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक।
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यमगण्ड: सुबह 08:25 बजे से 09:48 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 11:12 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक।
विशेष महत्व और उपाय
बुधवार का दिन होने के कारण 'बुध' ग्रह की शांति और गणेश जी की कृपा के लिए निम्नलिखित कार्य करना श्रेष्ठ रहेगा:
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गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
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गाय को हरी घास खिलाएं, इससे व्यापार में उन्नति होती है।
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मूंग की दाल का दान करना शुभ रहेगा।

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