पंचांग 12 मार्च: गुरुवार को नवमी तिथि और धनु राशि के चंद्रमा का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

पंचांग 12 मार्च: गुरुवार को नवमी तिथि और धनु राशि के चंद्रमा का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

नई दिल्ली: आज 12 मार्च 2026, गुरुवार का दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। गुरुवार का दिन 'ब्रह्मांड के रक्षक' भगवान विष्णु और 'देवगुरु' बृहस्पति को समर्पित होता है। आज के दिन किया गया दान और धार्मिक अनुष्ठान सुख-समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति कराता है।

पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और विशेष मुहूर्त का पूरा विवरण:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (12 मार्च 2026)

  • तिथि: नवमी (कृष्ण पक्ष) - रात 10:48 PM तक, उसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ।

  • दिन: गुरुवार (Thursday)

  • मास: फाल्गुन

  • नक्षत्र: मूल नक्षत्र - शाम 07:44 PM तक, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र।

  • करण: गर - सुबह 10:10 AM तक, उसके बाद वणिज।

  • योग: सिद्धि योग - सुबह 10:55 AM तक, उसके बाद व्यतीपात योग।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 06:35 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:27 PM

  • चंद्रोदय: रात्रि 02:16 AM (13 मार्च)

  • चंद्रास्त: सुबह 11:15 AM

  • चंद्र राशि: धनु (पूरा दिन-रात)

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी नए कार्य या मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए आज के श्रेष्ठ समय:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 PM से 12:54 PM तक। (सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।

  • अमृत काल: दोपहर 01:54 PM से 03:39 PM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:57 AM से 05:46 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन और शुभ कार्य वर्जित होते हैं:

  • राहुकाल: दोपहर 01:59 PM से 03:28 PM तक।

  • यमगण्ड: सुबह 06:35 AM से 08:04 AM तक।

  • गुलिक काल: सुबह 09:33 AM से 11:02 AM तक।

  • दुर्मुहूर्त: सुबह 10:32 AM से 11:20 AM तक, फिर दोपहर 03:17 PM से 04:05 PM तक।

आज का विशेष योग और उपाय

आज चंद्रमा धनु राशि में और मूल नक्षत्र में रहेगा। साथ ही सुबह सिद्धि योग होने से धार्मिक कार्यों के लिए दिन अत्यंत सकारात्मक है।

  • विशेष उपाय: आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा करें। पीले रंग के वस्त्र पहनें और माथे पर केसर का तिलक लगाएं। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

  • दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दही या जीरा खाकर घर से निकलें।