पंचांग 31 मार्च: मंगलवार को 'पूर्वा फाल्गुनी' नक्षत्र और त्रयोदशी का संयोग; जानें आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली : आज 31 मार्च 2026, मंगलवार का दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। मंगलवार का दिन होने के कारण आज का दिन संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। साथ ही, आज चंद्रमा का संचार सूर्य की राशि सिंह में बना रहेगा।
पंचांग की गणना के अनुसार आज के सूर्योदय, शुभ समय और ग्रहों की स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (31 मार्च 2026)
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तिथि: त्रयोदशी - शाम 04:31 PM तक, उसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ।
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दिन: मंगलवार (Tuesday)
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मास: चैत्र (विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948)
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नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी - दोपहर 12:45 PM तक, उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र।
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करण: तैतिल - सुबह 06:14 AM तक, उसके बाद गर करण।
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योग: गण्ड - दोपहर 01:13 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग।
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
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सूर्योदय: सुबह 06:13 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:38 PM
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चन्द्रोदय: शाम 05:22 PM
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चन्द्रास्त: सुबह 05:11 AM (1 अप्रैल)
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चंद्र राशि: सिंह राशि (पूरा दिन और रात)।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
आज के दिन किसी भी मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत के लिए निम्नलिखित समय श्रेष्ठ हैं:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 PM से 12:50 PM तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:19 PM तक।
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अमृत काल: सुबह 07:12 AM से 08:52 AM तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:39 AM से 05:26 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 03:32 PM से शाम 05:05 PM तक।
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यमगण्ड: सुबह 09:20 AM से 10:53 AM तक।
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गुलिक काल: दोपहर 12:25 PM से 01:58 PM तक।
आज का विशेष ज्योतिषीय योग
आज पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव है, जिसके स्वामी 'शुक्र' देव हैं। यह नक्षत्र सुख, सौंदर्य और कला का प्रतीक माना जाता है। सिंह राशि में चंद्रमा और मंगलवार का दिन होने से आज उन लोगों के लिए दिन बहुत अच्छा है जो प्रशासन, पुलिस या सेना के क्षेत्र से जुड़े हैं।
आज का विशेष उपाय
आज मंगलवार है और चैत्र शुक्ल पक्ष चल रहा है। कर्ज से मुक्ति और शत्रुओं पर विजय के लिए आज हनुमान मंदिर जाकर 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ करें। हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चढ़ाना और बूंदी का प्रसाद बांटना सौभाग्य में वृद्धि करेगा।

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