NCERT का डिजिटल धमाका: लॉन्च हुआ 'ई-जादुई पिटारा', अब AI 'कथा सखी' बच्चों को सुनाएगी कहानियां

NCERT का डिजिटल धमाका: लॉन्च हुआ 'ई-जादुई पिटारा', अब AI 'कथा सखी' बच्चों को सुनाएगी कहानियां

नई दिल्ली। भारत में स्कूली शिक्षा के तरीके अब पूरी तरह बदलने वाले हैं। छोटे बच्चों की पढ़ाई को मजेदार और तनावमुक्त बनाने के लिए NCERT (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने अपना एआई-आधारित प्लेटफॉर्म 'ई-जादुई पिटारा' (e-Jaadui Pitara) लॉन्च किया है। यह डिजिटल पिटारा विशेष रूप से 3 से 8 साल के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जो 'खेल-खेल में शिक्षा' के सपने को हकीकत में बदलेगा।

AI 'सखियां' और 'तारा' बनेंगे बच्चों के हमसफर

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसके तीन खास एआई (Artificial Intelligence) आधारित बॉट्स हैं, जो बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करेंगे:

  1. कथा सखी: यह एक एआई बॉट है जो बच्चों को उनकी पसंद की नई-नई कहानियां सुनाएगी। यह सिर्फ कहानी सुनाती ही नहीं, बल्कि बच्चों की जिज्ञासाओं और उनके सवालों के जवाब भी आसान भाषा में देती है।

  2. पैरेंट तारा: माता-पिता को अक्सर बच्चों के शुरुआती विकास और पढ़ाई को लेकर चिंता रहती है। 'पैरेंट तारा' उन्हें पालन-पोषण और घर पर बच्चों को सिखाने के प्रभावी तरीके बताएगा।

  3. टीचर तारा: शिक्षकों के लिए यह एक गाइड की तरह काम करेगा, जो क्लासरूम में पढ़ाने के लिए क्रिएटिव एक्टिविटीज और नए-नए टूल्स सुझाएगा।

WhatsApp और Telegram पर भी उपलब्ध

सरकार का लक्ष्य इस तकनीक को देश के हर कोने तक पहुँचाना है। इसीलिए, 'ई-जादुई पिटारा' सिर्फ एक मोबाइल ऐप तक सीमित नहीं है। अभिभावक और बच्चे इसे WhatsApp, Telegram और टोल-फ्री नंबर के जरिए भी एक्सेस कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि भाषा सीखने में बाधा न बने।

क्या-क्या मिलेगा इस जादुई पिटारे में?

  • इंटरैक्टिव लर्निंग: पहेलियाँ, खेल, फ्लैश कार्ड और पोस्टर।

  • रचनात्मकता पर जोर: खिलौने बनाने, कठपुतली शो और संगीत आधारित गतिविधियाँ।

  • पंचकोश विकास: यह ऐप बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास (पंचकोश) पर केंद्रित है।

शिक्षा मंत्रालय का विजन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लॉन्च किया गया यह प्लेटफॉर्म बच्चों के 'फाउंडेशनल स्टेज' को मजबूत करेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम अक्सर चिंता का विषय होता है, लेकिन 'ई-जादुई पिटारा' उस स्क्रीन टाइम को एक सार्थक और सुरक्षित 'लर्निंग टाइम' में बदल देगा।