अभिभाषण के साथ सत्र शुरू
रायपुर (चैनल इंडिया)। विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राज्यपाल रामेन डेका ने कहा है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वत: बढ़ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को 'महतारी गौरव वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। प्रदेश में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है। छुईखदान पान की बेलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। सरकार ने यहां पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया है। राज्यपाल ने कहा कि जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वत: ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है। बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है।
राज्यपाल ने कहा कि दो वर्षों में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आम जनता से फीडबैक लेती है और उनकी अपेक्षाओं और सोच के अनुरूप नीतियां तैयार करती है, ताकि सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।