पंचांग 23 मार्च: आज है चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन और 'लक्ष्मी पंचमी'; जानें माँ स्कंदमाता की पूजा का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली : आज 23 मार्च 2026, सोमवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन है, जो वात्सल्य की देवी माँ स्कंदमाता की उपासना को समर्पित है। इसके साथ ही आज 'लक्ष्मी पंचमी' (श्री पंचमी) का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है, जो धन और ऐश्वर्य की देवी महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष माना जाता है।
पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (23 मार्च 2026)
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तिथि: पंचमी (शुक्ल पक्ष) - दोपहर 03:08 PM तक, उसके बाद षष्ठी तिथि शुरू।
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दिन: सोमवार (Monday)
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मास: चैत्र (विक्रम संवत 2083)
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नक्षत्र: कृतिका नक्षत्र - सुबह 09:05 AM तक, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र।
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करण: बालव - दोपहर 03:08 PM तक, उसके बाद कौलव।
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योग: आयुष्मान योग - सुबह 07:22 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग।
चैत्र नवरात्रि पंचमी: माँ स्कंदमाता और लक्ष्मी पंचमी
आज माँ दुर्गा के 'स्कंदमाता' स्वरूप की पूजा की जाती है, जो भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। इनकी पूजा से ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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लक्ष्मी पंचमी का महत्व: आज के दिन माँ लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
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विशेष भोग: माँ स्कंदमाता को केले का भोग लगाना अत्यंत प्रिय है। वहीं लक्ष्मी पंचमी पर खीर का भोग लगाना शुभ होता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
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सूर्योदय: सुबह 06:24 AM
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सूर्यास्त: शाम 06:33 PM
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चंद्रोदय: सुबह 10:07 AM
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चंद्रास्त: रात 10:21 PM
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चंद्र राशि: वृषभ राशि (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ कार्यों और निवेश के लिए आज के श्रेष्ठ समय:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 PM से 12:53 PM तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:18 PM तक।
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अमृत काल: रात 01:21 AM (24 मार्च) से 02:54 AM तक।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 AM से 05:35 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)
सोमवार के दिन राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल: सुबह 07:56 AM से 09:27 AM तक।
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यमगण्ड: सुबह 10:58 AM से दोपहर 12:29 PM तक।
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गुलिक काल: दोपहर 02:00 PM से 03:31 PM तक।
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दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:53 PM से 01:41 PM तक, फिर दोपहर 03:18 PM से 04:07 PM तक।
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज सोमवार, रोहिणी नक्षत्र और लक्ष्मी पंचमी का त्रिवेणी संगम है।
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विशेष उपाय: आज शाम को जल में अक्षत और दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। साथ ही लक्ष्मी पंचमी के अवसर पर श्रीसूक्त का पाठ करें और घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं। इससे मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी।
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दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर या घर से मिश्री खाकर निकलें।

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