रायपुर साहित्य उत्सव का आगाज
पुरखौती मुक्तांगन में बिखरी छत्तीसगढिय़ा कला-संस्कृति और लोकनृत्यों की अनूठी छटा
रायपुर (चैनल इंडिया)। रायपुर साहित्य उत्सव का आज आगाज हो गया। राज्यसभा में उप सभापति हरिवंश ने समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समारोह में नौजवानों की उपस्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में साहित्य का भविष्य बहुत उजला है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जुडऩे का अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के साहित्यकारों और रचनाकारों का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
समारोह के लिए पुरखौती मुक्तांगन छत्तीसगढिय़ा कला और संस्कृति में रंग चुका है। उद्घाटन समारोह से पहले ही कला- संस्कृति और आदिवासी परंपरा की अनोखी छटा पुरखौती मुक्तांगन में बिखरी नजर आ रही है। बस्तर के कलाकार पहुंचे हैं जो अपनी परंपरागत नृत्य और गायन कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं राजकुमार कॉलेज भी बड़ी संख्या में साहित्य उत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। कक्षा ग्यारहवीं 12वीं के विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषयों और आधुनिक पद्धति को लेकर लिखी हैं 100 से अधिक किताबें। साहित्य उत्सव में शामिल होने ये बच्चे पहुंचे हैं।