अब बिना किसी 'गिल्ट' के खाएं छोले-भटूरे : कम तेल और गेहूं के आटे से बनी इस रेसिपी के साथ सेहत भी और स्वाद भी

अब बिना किसी 'गिल्ट' के खाएं छोले-भटूरे : कम तेल और गेहूं के आटे से बनी इस रेसिपी के साथ सेहत भी और स्वाद भी

नई दिल्ली। छोले-भटूरे का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन अक्सर डाइट और सेहत की फिक्र हमें इसे खाने से रोक देती है। ज्यादा तेल और मैदे के इस्तेमाल के कारण इसे अनहेल्दी माना जाता है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, अब आप अपने इस पसंदीदा डिश का लुत्फ बिना किसी पछतावे (Guilt) के उठा सकते हैं। पेश है छोले-भटूरे को 'हेल्दी' ट्विस्ट देने की खास रेसिपी।

मैदा नहीं, गेहूं के आटे का जादू

पारंपरिक भटूरे मैदे से बनाए जाते हैं, जो पाचन के लिए भारी होते हैं। इसे हेल्दी बनाने के लिए आप गेहूं के आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • फाइबर से भरपूर: गेहूं का आटा फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो पाचन में सुधार करता है।

  • प्रोबायोटिक का तड़का: भटूरे के आटे को गूंथते समय ताजे दही का उपयोग करें। यह न केवल भटूरों को नरम बनाएगा बल्कि आंतों (Gut health) के लिए भी अच्छा होगा।

  • कम तेल: भटूरों को डीप फ्राई करने के बजाय, आप इन्हें 'एयर फ्रायर' में बना सकते हैं या नॉन-स्टिक पैन पर बहुत कम तेल के साथ सेंक सकते हैं।

प्रोटीन से भरपूर मसालेदार छोले

छोले (काले चने या काबुली चने) प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस हैं। इन्हें और भी पौष्टिक बनाने के तरीके:

  • तेल की कटौती: छोलों को तड़का लगाते समय कम तेल या ऑलिव ऑयल का प्रयोग करें। मसालों को भूनने के लिए थोड़ा पानी इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • खड़े मसालों का कमाल: स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से क्रीम या मक्खन डालने के बजाय दालचीनी, बड़ी इलायची और तेजपत्ता जैसे खड़े मसालों का उपयोग करें।

  • सब्जियों का मेल: छोलों की ग्रेवी में टमाटर और प्याज की मात्रा बढ़ाएं और इसमें कद्दूकस किया हुआ आंवला या अनारदाना डालें, जो विटामिन-C और आयरन के अवशोषण में मदद करेगा।

इसे 'गिल्ट-फ्री' मील कैसे बनाएं?

  1. पोर्शन कंट्रोल: स्वाद के चक्कर में ज्यादा खाने से बचें। एक बार में दो के बजाय एक ही भटूरा लें।

  2. सलाद है जरूरी: छोले-भटूरे के साथ ढेर सारा प्याज, खीरा और मूली का सलाद खाएं। यह आपके भोजन में रफेज (Roughage) जोड़ेगा।

  3. छाछ या लस्सी: इस हैवी मील के साथ एक गिलास बिना चीनी वाली छाछ पिएं, जो पाचन में मदद करेगी।

सेहत के लिए फायदे

इस तरह तैयार किए गए छोले-भटूरे न केवल कैलोरी में कम होते हैं, बल्कि यह आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। यह डायबिटीज और वेट लॉस यात्रा पर चल रहे लोगों के लिए एक बढ़िया 'चीट मील' का विकल्प हो सकता है।