पंचांग 21 मार्च : आज है चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन, जानें माँ चंद्रघंटा की पूजा का मुहूर्त और राहुकाल
नई दिल्ली/ज्योतिष डेस्क: आज 21 मार्च 2026, शनिवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज देशभर में चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आज का दिन शक्ति के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की उपासना को समर्पित है, जो अपने भक्तों को साहस, वीरता और शांति का वरदान देती हैं।
पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण:
आज का पंचांग: मुख्य विवरण (21 मार्च 2026)
-
तिथि: तृतीया (शुक्ल पक्ष) - रात 07:12 PM तक, उसके बाद चतुर्थी तिथि।
-
दिन: शनिवार (Saturday)
-
मास: चैत्र (विक्रम संवत 2083)
-
नक्षत्र: अश्विनी नक्षत्र - सुबह 11:21 AM तक, उसके बाद भरणी नक्षत्र।
-
करण: तैतिल - सुबह 08:02 AM तक, उसके बाद गर।
-
योग: विष्कुम्भ योग - दोपहर 12:28 PM तक, उसके बाद प्रीति योग।
चैत्र नवरात्रि तृतीया: माँ चंद्रघंटा पूजा
माँ चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनकी पूजा से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और उनमें निर्भयता आती है।
-
विशेष भोग: माँ को दूध या दूध से बनी मिठाइयों (जैसे खीर या खोवा) का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय
-
सूर्योदय: सुबह 06:26 AM
-
सूर्यास्त: शाम 06:32 PM
-
चंद्रोदय: सुबह 08:35 AM
-
चंद्रास्त: रात 08:08 PM
-
चंद्र राशि: मेष राशि (पूरा दिन-रात)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ कार्यों और विशेष पूजा के लिए आज के श्रेष्ठ मुहूर्त:
-
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 PM से 12:53 PM तक।
-
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।
-
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:32 PM से 06:56 PM तक।
-
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:49 AM से 05:37 AM तक।
अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)
शनिवार के दिन राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन और नए कार्यों से बचना चाहिए:
-
राहुकाल: सुबह 09:28 AM से 10:58 AM तक।
-
यमगण्ड: दोपहर 02:00 PM से 03:31 PM तक।
-
गुलिक काल: सुबह 06:26 AM से 07:57 AM तक।
-
दुर्मुहूर्त: सुबह 06:26 AM से 07:14 AM तक, फिर सुबह 07:14 AM से 08:03 AM तक।
आज का विशेष महत्व और उपाय
आज शनिवार होने के कारण माँ दुर्गा के साथ-साथ शनि देव की कृपा पाने का भी विशेष संयोग है।
-
विशेष उपाय: आज शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। साथ ही माँ चंद्रघंटा को लाल रंग के फूल अर्पित करें। इससे जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
-
दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो घर से अदरक या घी खाकर निकलें।

admin 




