उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र दंतेवाड़ा में युवाओं से की मुलाकात

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र दंतेवाड़ा में युवाओं से की मुलाकात

रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट एवं वेलकम किट वितरित किए।

नवरात्रि के अंतिम दिन दंतेवाड़ा पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने पुनर्वास केंद्र का दौरा कर प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से चर्चा की और उनकी आवश्यकताओं व भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।

युवाओं ने बताया कि वे प्रशिक्षण के बाद अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि इच्छुक युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं से अपने साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने इसकी अनुमति भी प्रदान की।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए और केंद्र से बाहर जाने से पहले उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के परिचित या परिजन जेल में हैं, तो वे उन्हें पुनर्वास के लिए प्रेरित करें, शासन इस दिशा में हर संभव सहयोग करेगा।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केंद्र में 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर और 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार मिला है, जबकि 75 युवाओं को सिलाई मशीन वितरित की जा चुकी है।

सीआरपीएफ जवानों का किया उत्साहवर्धन

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप पहुंचकर जवानों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास का वातावरण बना है।

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी अति संवेदनशील माने जाते थे, वे आज सुरक्षित और सुगम हो गए हैं। अब लोग बिना भय के इन मार्गों पर आवागमन कर रहे हैं और बस्तर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच बना रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।