मानवता की सेवा ही सच्चा संकल्प, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सेवा और समर्पण के साथ मनाया जन्मदिन

मानवता की सेवा ही सच्चा संकल्प, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सेवा और समर्पण के साथ मनाया जन्मदिन

रायपुर। कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने अपना जन्मदिन सादगी, सेवा और समर्पण के साथ मनाते हुए जनसेवा की नई मिसाल प्रस्तुत की। राजधानी रायपुर से लेकर आरंग विधानसभा क्षेत्र तक पूरे दिन आयोजित कार्यक्रमों में संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की झलक देखने को मिली।

भिक्षुक पुनर्वास केंद्र में किया सहभोज
दिन की शुरुआत रायपुर के मोवा स्थित भिक्षुक पुनर्वास केंद्र (संगी मितान संस्थान) से हुई, जहां गुरु खुशवंत साहेब ने जरूरतमंदों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से मिष्ठान परोसकर उनका हालचाल जाना।

बालिका गृह में बेटियों के साथ बिताए भावुक पल
इसके बाद वे खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह पहुंचे, जहां बालिकाओं ने उन्हें अपने हाथों से बनाए शुभकामना कार्ड भेंट किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बेटियों की मुस्कान उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है और उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात
गुरु खुशवंत साहेब ने श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल पहुंचकर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल को मानवता का मंदिर बताते हुए बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

जनसेवा को समर्पित दो महत्वपूर्ण सौगातें
अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने क्षेत्र को अत्याधुनिक एंबुलेंस और मल्टीपरपज फायर टेंडर की सौगात दी। इन वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

होली मिलन समारोह में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
मंदिर हसौद स्थित एम.एम. फन सिटी में आयोजित होली मिलन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मेधावी छात्रों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आरंग क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश की वास्तविक शक्ति हैं और उनकी सफलता ही विकास की आधारशिला है।

पूजा-अर्चना के साथ समापन
दिनभर के कार्यक्रमों का समापन भंडारपुरी धाम में पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जहां उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया।

इस प्रकार गुरु खुशवंत साहेब ने अपना जन्मदिन सेवा, संवेदनशीलता और जनसमर्पण के साथ मनाकर एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।