दुनिया पर 'ऑयल ब्लास्ट' का खतरा: 2022 के बाद पहली बार कच्चा तेल $100 के पार, इजरायल-ईरान युद्ध की आहट ने बिगाड़ा ग्लोबल बजट

दुनिया पर 'ऑयल ब्लास्ट' का खतरा: 2022 के बाद पहली बार कच्चा तेल $100 के पार, इजरायल-ईरान युद्ध की आहट ने बिगाड़ा ग्लोबल बजट

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर खलबली मचा दी है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल की मनोवैज्ञानिक सीमा को पार कर गए हैं। साल 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब तेल की कीमतों में इतनी जबरदस्त और अचानक उछाल देखी गई है। इस बढ़त ने न केवल विकसित देशों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि पूरी दुनिया में मंदी के नए खतरे को जन्म दे दिया है।

रिपोर्ट में इस संकट के भीषण परिणामों की चेतावनी दी गई है, खासकर भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए। पहले से ही आर्थिक कंगाली और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहे इन देशों के लिए 100 डॉलर से ऊपर का तेल खरीदना लगभग नामुमकिन हो सकता है। इससे वहां न केवल बिजली और परिवहन ठप होने का डर है, बल्कि आम जनता के लिए दो वक्त की रोटी भी महंगी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ा, तो तेल की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह टूट सकती है, जिसका सीधा असर भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बढ़ती महंगाई के रूप में देखने को मिल सकता है।