पंचांग ​​14 मार्च : शनिवार को 'विजया एकादशी' का पावन व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष योग

पंचांग ​​14 मार्च : शनिवार को 'विजया एकादशी' का पावन व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज के विशेष योग

नई दिल्ली : आज 14 मार्च 2026, शनिवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस एकादशी को 'विजया एकादशी' कहा जाता है, जो अपने नाम के अनुरूप भक्तों को हर कार्य में विजय दिलाने वाली मानी जाती है। शनिवार का दिन होने के कारण आज भगवान विष्णु के साथ-साथ शनि देव की कृपा पाने का भी विशेष संयोग बना है।

पंचांग के माध्यम से जानें आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय का पूरा सटीक विवरण:

आज का पंचांग: मुख्य विवरण (14 मार्च 2026)

  • तिथि: एकादशी (कृष्ण पक्ष) - रात 09:28 PM तक, उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ।

  • दिन: शनिवार (Saturday)

  • मास: फाल्गुन

  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा नक्षत्र - रात 08:31 PM तक, उसके बाद श्रवण नक्षत्र।

  • करण: बालव - सुबह 11:06 AM तक, उसके बाद कौलव।

  • योग: वरियान योग - सुबह 07:54 AM तक, उसके बाद परिघ योग।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 06:33 AM

  • सूर्यास्त: शाम 06:28 PM

  • चंद्रोदय: रात्रि 04:00 AM (15 मार्च)

  • चंद्रास्त: दोपहर 12:54 PM

  • चंद्र राशि: मकर (पूरा दिन-रात)

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

आज के दिन किसी भी विशेष कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ समय:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:06 PM से 12:54 PM तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 PM से 03:17 PM तक।

  • अमृत काल: दोपहर 03:01 PM से 04:32 PM तक।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:55 AM से 05:44 AM तक।

अशुभ समय: राहुकाल और वर्ज्य (Inauspicious Timings)

राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन और मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: सुबह 09:31 AM से 11:00 AM तक।

  • यमगण्ड: दोपहर 01:59 PM से 03:28 PM तक।

  • गुलिक काल: सुबह 06:33 AM से 08:02 AM तक।

  • दुर्मुहूर्त: सुबह 06:33 AM से 07:21 AM तक, फिर सुबह 07:21 AM से 08:09 AM तक।

आज का विशेष योग और महत्व

आज विजया एकादशी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए समुद्र तट पर इस एकादशी का व्रत किया था।

  • विशेष उपाय: आज के दिन भगवान विष्णु को पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें। चूंकि आज शनिवार भी है, इसलिए शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है और अटके हुए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

  • दिशाशूल: शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना वर्जित माना जाता है। यदि यात्रा बहुत आवश्यक हो, तो घर से अदरक या घी खाकर निकलें।