मूली के पत्ते: जिन्हें आप बेकार समझकर फेंक देते हैं, वे औषधीय गुणों का खजाना हैं; जानें इनके बेमिसाल फायदे
नई दिल्ली। मूली के पत्तों को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन वास्तव में ये पत्तों वाली सब्जियों में सबसे अधिक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, मूली के पत्तों में मूली की तुलना में अधिक प्रोटीन, कैल्शियम, और विटामिन-सी पाया जाता है, जो इन्हें सर्दियों के मौसम में एक शक्तिशाली इम्यूनिटी बूस्टर बनाता है। इनका सबसे महत्वपूर्ण लाभ पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है; इसमें मौजूद उच्च फाइबर कब्ज जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करने और मेटाबॉलिज्म को गति देने में सहायक होता है। आयुर्वेद में मूली के पत्तों के रस को पीलिया (Jaundice) के उपचार में एक प्रभावी औषधि माना गया है, क्योंकि यह रक्त को शुद्ध करने और लीवर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, इन पत्तों में मौजूद पोटेशियम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इन पत्तों का उपयोग केवल औषधीय रूप में ही नहीं, बल्कि विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों के रूप में भी किया जा सकता है। उत्तर भारत में मूली के पत्तों की 'भुजी' या सूखी सब्जी बहुत लोकप्रिय है, जिसे अक्सर मूली के टुकड़ों और मसालों के साथ भूनकर बनाया जाता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसका उपयोग डिटॉक्स जूस बनाने के लिए भी करते हैं, जहाँ इसके पत्तों को अदरक, नींबू और काले नमक के साथ मिलाकर ताजा सेवन किया जाता है। इसके अलावा, इन्हें बारीक काटकर पराठों के भरावन (Stuffing) में इस्तेमाल किया जा सकता है या पालक और सरसों के साथ मिलाकर पौष्टिक साग बनाया जा सकता है। जो लोग पाइल्स (बवासीर) या डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए इन पत्तों का नियमित सेवन सूजन कम करने और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में काफी मददगार साबित होता है। बस ध्यान रहे कि उपयोग से पहले इन्हें अच्छी तरह गुनगुने पानी से धोना आवश्यक है ताकि सभी अशुद्धियाँ साफ हो सकें।

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