'लाइक और शेयर' के चक्कर में स्कूल प्रिंसिपल ने गंवाए 22 लाख रुपये : वर्क फ्रॉम होम का लालच पड़ा भारी

'लाइक और शेयर' के चक्कर में स्कूल प्रिंसिपल ने गंवाए 22 लाख रुपये : वर्क फ्रॉम होम का लालच पड़ा भारी

रायपुर। अंजाम देते हुए एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल को अपना शिकार बनाया है। 'यूट्यूब वीडियो लाइक' करने के बदले घर बैठे पैसे कमाने का झांसा देकर ठगों ने महिला प्रिंसिपल से 22.56 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?

पीड़ित महिला रायपुर के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं। ठगी की शुरुआत एक व्हाट्सएप मैसेज से हुई, जिसमें उन्हें पार्ट-टाइम काम का ऑफर दिया गया।

  • शुरुआती झांसा: ठगों ने उन्हें केवल यूट्यूब वीडियो लाइक और सब्सक्राइब करने का काम दिया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए उन्हें कुछ मामूली रकम का भुगतान भी किया गया।

  • बड़ा निवेश और टास्क: जैसे ही महिला उनके जाल में फंसी, ठगों ने उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया। वहां उन्हें 'मर्चेंट टास्क' के नाम पर निवेश कर बड़े मुनाफे का लालच दिया गया।

किस्त-दर-किस्त लूटे 22 लाख

मुनाफे के लालच में आकर प्रिंसिपल ने अलग-अलग किस्तों में कुल 22 लाख 56 हजार रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब महिला ने अपने निवेश किए हुए पैसे और मुनाफे की मांग की, तो ठगों ने टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। संदेह होने पर जब महिला ने पड़ताल की, तो उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर स्कैम का शिकार हो चुकी हैं।

पुलिस की कार्रवाई और साइबर सेल का अलर्ट

पीड़िता की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है जिनका उपयोग इस ठगी में किया गया था।

सावधानी ही बचाव है: इन बातों का रखें ध्यान

साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सचेत करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • अज्ञात नंबरों से आए ऑफर: यूट्यूब वीडियो लाइक करने या रेटिंग देने के नाम पर मिलने वाले जॉब ऑफर पूरी तरह फर्जी होते हैं।

  • टेलीग्राम ग्रुप से बचें: ठग अक्सर विश्वास दिलाने के लिए टेलीग्राम ग्रुप का इस्तेमाल करते हैं जहाँ उनके ही साथी फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट डालते हैं।

  • अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें: कभी भी किसी अज्ञात लिंक के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।