सर्दियों में नारियल पानी: सेहत के लिए वरदान या नुकसान? जानें क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद

सर्दियों में नारियल पानी: सेहत के लिए वरदान या नुकसान? जानें क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद

नई दिल्ली। अक्सर यह माना जाता है कि नारियल पानी केवल चिलचिलाती गर्मी में प्यास बुझाने का माध्यम है, लेकिन क्या कड़कड़ाती ठंड में इसका सेवन सुरक्षित है? लल्लूराम की एक रिपोर्ट के अनुसार, नारियल पानी पोषक तत्वों का भंडार है और यदि इसे सही समय और सही तरीके से पिया जाए, तो यह सर्दियों में भी सेहत को अद्भुत लाभ पहुँचा सकता है। आयुर्वेद में नारियल पानी की तासीर 'ठंडी' (शीतल) मानी गई है, इसलिए इसके उपयोग को लेकर सावधानी बरतना आवश्यक है, लेकिन इसे पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है।

सर्दियों में नारियल पानी के फायदे

सर्दियों के दौरान हम अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नारियल पानी एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट के रूप में काम करता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। इसमें मौजूद पोटैशियम न केवल हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि सर्दियों में बढ़ने वाले रक्तचाप (Blood Pressure) को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसके मूत्रवर्धक गुणों के कारण यह किडनी की सफाई करने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में भी सहायक है। पाचन संबंधी समस्याओं जैसे एसिडिटी और कब्ज से राहत पाने के लिए भी इसका सीमित सेवन लाभकारी होता है।

सेवन का सही तरीका और समय

सर्दियों में नारियल पानी पीते समय समय का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इसे हमेशा सुबह या दोपहर के समय ही पिएं। शाम ढलने के बाद या रात के समय इसके सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इसकी ठंडी तासीर शरीर को नुकसान पहुँचा सकती है। इसके अलावा, फ्रिज में रखे ठंडे नारियल पानी के बजाय कमरे के तापमान (Room Temperature) पर रखे नारियल पानी का ही सेवन करें। यदि आप चाहें तो इसे कुछ देर धूप में रखकर भी पी सकते हैं। सर्दियों में इसे रोजाना पीने के बजाय हफ्ते में 2 से 3 बार पीना पर्याप्त माना जाता है।

सावधानी और परहेज

भले ही इसके फायदे अनेक हों, लेकिन कुछ लोगों को इसके सेवन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आप सर्दी-खांसी, जुकाम, अस्थमा या साइनस की समस्या से जूझ रहे हैं, तो नारियल पानी से दूरी बनाना ही बेहतर है। कमजोर पाचन शक्ति वाले लोग या जिन्हें बहुत जल्दी ठंड लग जाती है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। संक्षेप में, संतुलन और सही समय का ध्यान रखकर आप सर्दियों में भी इस प्राकृतिक पेय का आनंद उठा सकते हैं।