छत्तीसगढ़ में साहू समाज का बड़ा फैसला : अब नहीं होगा 'प्री-वेडिंग फोटोशूट', फिजूलखर्ची और दिखावे पर लगी लगाम

छत्तीसगढ़ में साहू समाज का बड़ा फैसला : अब नहीं होगा 'प्री-वेडिंग फोटोशूट', फिजूलखर्ची और दिखावे पर लगी लगाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े समाजों में से एक, साहू समाज ने आधुनिक शादियों के नाम पर बढ़ रही दिखावे की संस्कृति के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है। प्रदेश साहू संघ ने समाज के युवाओं के लिए प्री-वेडिंग फोटोशूट (Pre-wedding Shoot) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। समाज का यह आदेश पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

संस्कारों की रक्षा और फिजूलखर्ची पर रोक

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने स्पष्ट किया कि आजकल प्री-वेडिंग शूट के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए आर्थिक बोझ बन जाता है। उन्होंने कहा, "विवाह एक पवित्र संस्कार है, इसे तमाशा या दिखावा नहीं बनाना चाहिए। समाज के गरीब और मध्यम वर्ग के लोग इस होड़ में न फंसें, इसलिए यह प्रतिबंध लगाया गया है।"

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जो परिवार समाज के इस फैसले की अनदेखी करेंगे, उन्हें जिला और तहसील स्तर की सामाजिक इकाइयों द्वारा समझाया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को इस निर्णय के पीछे के सकारात्मक उद्देश्य के बारे में जागरूक करें।

समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया

साहू समाज के इस बड़े फैसले के बाद प्रदेश के अन्य समाजों में भी इस पर बहस छिड़ गई है। जहाँ बुजुर्ग और पारंपरिक लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं, वहीं युवा वर्ग में इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि साहू समाज का यह कदम राज्य के अन्य समुदायों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।