पुलिस कमिश्नर के नोटिफिकेशन पर ब्रेक! नवा रायपुर समेत ग्रामीण के कुछ और हिस्सा जुड़ेंगे

पुलिस कमिश्नर के नोटिफिकेशन पर ब्रेक!  नवा रायपुर समेत ग्रामीण के कुछ और हिस्सा जुड़ेंगे
कल कैबिनेट की बैठक में लगेगी मुहर
रायपुर (चैनल इंडिया)। रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का नोटिफिकेशन बीते शुक्रवार को ही जारी हो गया होता। मगर ऐन वक्त पर कुछ चकरी चली और नोटिफिकेशन जारी होने से पहले उसे रोक दिया गया। 
बताते हैं शुक्रवार को सुबह लॉ डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेशन के ड्राफ्ट को अनुमोदित कर दिया था। उसके बाद गृह विभाग से भी उसे हरी झंडी मिल गई। गृह विभाग से जैसे ही राजस्व विभाग भेजा गया ताकि उसे राजपत्र में प्रकाशित कर जारी कर दिया जाए, तभी उसे कुछ समय तक के लिए रोकने का फरमान आ गया। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री चाहते हैं कि नोटिफिकेशन अभी रुककर जारी किया जाए। खबर है कि सरकार भी पुलिस कमिश्नर का एरिया बढ़ाने पर तैयार हो गई है। 21 जनवरी को कैबिनेट की बैठक में इसे पारित किया जाएगा।
पिछले कैबिनेट में पुलिस कमिश्नर सिस्टम का ड्राफ्ट पारित किया गया था, उसमें रायपुर पुलिस कमिश्नर को सिटी पुलिस जैसा बना दिया गया था। मगर सरकार अब चाहती है कि पुलिस कमिश्नर का दायरा बढ़ाकर उसे पूरे जिले में शामिल किया जाए। आउटर के इलाको में सबसे अधिक अपराधिक घटनाएं होती हैं। नवा रायपुर में मंत्रालय, विधानसभा समेत एयरपोर्ट आता है। मगर उसे पुलिस कमिश्नरेट का हिस्सा की बजाए ग्रामीण जिला में शामिल किया गया था। सरकार में इस बात को लेकर भी विचार चल रहा कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम को और मजबूत किया जाए। इसमें हो सकता है कि पुलिस कमिश्नर को कुछ और अधिकार मिल जाए। इनमें शस्त्र और आबकारी लायसेंस भी हो सकता है।
रायपुर के फर्स्ट पुलिस कमिश्नर को लेकर जो जानकारी है उसके मुताबिक दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग, बिलासपुर आईजी संजीव शुक्ला, राजनांदगांव आईजी अभिषेक शांडिल्य और सरगुजा आईजी दीपक झा के नाम पर सरकार के भीतर मंथन हुआ है। रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के लिए बेस्ट च्वाइस माने जा रहे थे। मगर उनके पास ईओडब्लू और एसीबी में कई अहम केसेज होने की वजह से सरकार उन्हें फिलहाल डिस्टर्ब नहीं करना चाह रही। ऐसे में, रामगोपाल गर्ग का पलड़ा काफी भारी हो गया है।