रिश्तों का ऐसा भी रंग! ससुराल से भागते समय पति की 'अस्थियां' ही चुरा ले गई पत्नी, मासूम बच्चों ने थाने पहुँचकर लगाई न्याय की गुहार

रिश्तों का ऐसा भी रंग! ससुराल से भागते समय पति की 'अस्थियां' ही चुरा ले गई पत्नी, मासूम बच्चों ने थाने पहुँचकर लगाई न्याय की गुहार

बलौदाबाजार/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से रिश्तों के ताने-बाने को उलझाने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला, जो अपने ससुराल वालों को छोड़कर भाग रही थी, अपने साथ घर में रखे अपने दिवंगत पति के अस्थि कलश (अस्थियां) भी साथ ले गई। इस घटना के बाद मृतक के बच्चे बदहवास होकर थाने पहुँचे और अपनी माँ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले महिला के पति का निधन हो गया था। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, अस्थियों के विसर्जन के लिए उन्हें एक कलश में सुरक्षित रखा गया था। घर में मातम का माहौल था, लेकिन इसी बीच बच्चों और ससुराल वालों को तब बड़ा झटका लगा जब उन्होंने देखा कि महिला (बच्चों की माँ) घर से गायब है। ताला टूटने और सामान बिखरा होने पर जब तलाशी ली गई, तो पता चला कि वह अपने साथ पति की अस्थियां भी ले गई है।

बच्चों का छलका दर्द: "हमें पिता की अंतिम निशानी चाहिए"

अपने पिता की अस्थियां चोरी होने की खबर से सदमे में आए बच्चे तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुँचे। मासूमों ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उनकी माँ बिना बताए घर से भाग गई है और उनके पिता की 'अंतिम निशानी' यानी अस्थियां भी साथ ले गई है। बच्चों का कहना है कि वे अपने पिता की अस्थियों का विधि-विधान से विसर्जन करना चाहते थे, लेकिन अब वे इसके लिए तरस रहे हैं।

ससुराल वालों से अनबन की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि पति की मौत के बाद महिला का अपने ससुराल वालों के साथ विवाद चल रहा था। संभावना जताई जा रही है कि इसी विवाद और नाराजगी के चलते महिला ने यह कदम उठाया। हालांकि, अपनी पसंद से घर छोड़कर जाना एक अलग विषय है, लेकिन अस्थियां साथ ले जाने की इस घटना ने सबको चौंका दिया है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बच्चों की शिकायत दर्ज कर ली है और महिला की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भावनाओं और धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए वे महिला का पता लगाकर अस्थि कलश को वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि बच्चे अपने पिता का अंतिम संस्कार और तर्पण कर सकें।