छत्तीसगढ़ में गर्मी और बारिश का 'डबल अटैक' : रायपुर में पारा 39°C के पार, इन जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का अलर्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहाँ सूरज के तेवर तीखे हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय चक्रवाती सिस्टम के कारण बारिश और आंधी की स्थिति बनी हुई है। आज 28 मार्च 2026 को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी के साथ-साथ गरज-चमक की संभावना है।
रायपुर का हाल: सामान्य से ऊपर पहुंचा तापमान
राजधानी रायपुर में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।
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तापमान: रायपुर में अधिकतम तापमान 38.9°C से 39.6°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से करीब 2-3 डिग्री अधिक है।
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उमस की मार: हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को चुभती गर्मी और उमस (Humidity) का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के वक्त लू जैसे हालात महसूस हो सकते हैं।
इन जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
पड़ोसी राज्य ओडिशा के ऊपर बने एक चक्रवाती घेरे (Cyclonic Circulation) के असर से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम बदल गया है:
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येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के कुछ स्थानों पर अंधड़ (Gusty Winds) और वज्रपात (Lightning) की चेतावनी जारी की है।
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तेज हवाएं: आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।
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संभावित क्षेत्र: बस्तर संभाग, रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
प्रदेश के अन्य शहरों का तापमान
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सबसे गर्म: राजनांदगांव में पारा 40.0°C के पार पहुँच गया है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है।
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सबसे ठंडा: अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.4°C रिकॉर्ड किया गया है, जहाँ रातों में अभी भी हल्की गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है।
आगामी 5 दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 4-5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रुक-रुक कर होने वाली बूंदाबांदी से शाम के वक्त तापमान में 2-3 डिग्री की मामूली गिरावट आ सकती है, जिससे रातें थोड़ी राहत भरी होंगी।
सावधानी बरतें:
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दोपहर में बचाव: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
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आंधी के दौरान: यदि आप बाहर हैं और आंधी-तूफान शुरू होता है, तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित पक्की इमारत में जाएं।
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खेती-किसानी: किसान भाई अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि अचानक बारिश से फसलों को नुकसान पहुँच सकता है।

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