अमित बघेल पर पुलिस का शिकंजा: बलौदाबाजार आगजनी केस में प्रोडक्शन वारंट, रायपुर जेल से होगी कोर्ट में पेशी

अमित बघेल पर पुलिस का शिकंजा: बलौदाबाजार आगजनी केस में प्रोडक्शन वारंट, रायपुर जेल से होगी कोर्ट में पेशी

बलौदाबाजार/रायपुर। बलौदाबाजार में हुई ऐतिहासिक आगजनी और हिंसा की घटना की जांच कर रही पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल को बलौदाबाजार पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में रायपुर जेल में बंद बघेल को पुलिस सुरक्षा के बीच बलौदाबाजार लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें सीधे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हिंसा और आगजनी मामले में 201वीं गिरफ्तारी

बलौदाबाजार पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले साल हुई कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी और हिंसा की घटना की जांच के दौरान अमित बघेल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 201 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बघेल से पूछताछ के माध्यम से पुलिस इस हिंसा के पीछे की मुख्य साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।

विवादित टिप्पणियों के कारण पहले से जेल में बंद

अमित बघेल, जो 'जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी' के भी प्रमुख हैं, वर्तमान में विभिन्न समुदायों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में न्यायिक रिमांड पर हैं।

  • क्या था मामला: 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के विरोध में उन्होंने महाराजा अग्रसेन और सिंधी समाज के ईष्ट देवता भगवान झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।

  • देशभर में आक्रोश: इन बयानों के विरोध में सिंधी और अग्रवाल समाज ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और यूपी समेत 12 राज्यों में प्रदर्शन किए और एफआईआर दर्ज कराई थी।

  • रायपुर पुलिस की कार्रवाई: रायपुर के देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, सिविल लाइन और कोतवाली थानों में बघेल के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आगे और भी गिरफ्तारियां संभव

बलौदाबाजार पुलिस का कहना है कि हिंसा की जांच अभी जारी है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अमित बघेल से पूछताछ में कुछ अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जिसके बाद आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।