हमारा संस्कार और विचार भारतीय होना जरूरी : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक, लेकिन जीवन में हर जगह अंग्रेजियत को नहीं अपनाना है : डिप्टी सीएम*
रायपुर। आज की दुनिया में संपर्क भाषा के रूप में अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक है। लेकिन अपने जीवन में अंग्रेजियत को हर जगह नहीं अपनाना है। अपने पूर्वजों के संस्कार का पालन करना है। हमारा संस्कार और विचार 100 प्रतिशत शुद्ध भारतीय होना चाहिए।
मुंगेली के एक निजी स्कूल के वार्षिकोत्सव में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने यह बात कही। यहां श्री साव ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को नजदीक से देखा। वहीं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।

श्री साव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, कम सफलता पर दुखी होने की जरूरत नहीं है। आने वाले समय भी एक दिन जरूर सफलता मिलेगी। कम सफलता या असफलता अच्छा करने की प्रेरणा देती है। दुनिया में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जो कभी हारा नहीं है। उन्होंने कहा कि, निराशा और परेशान व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं होता, आत्मविश्वासी और उत्साही व्यक्ति ही सफल होता है। उत्साही व्यक्ति हर परिस्थिति में आगे बढ़ते है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय, भाजपा जिला अध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, जय प्रकाश मिश्रा, शैलेश पाठक, आत्मा सिंह, गिरीश शुक्ला, अजीत सिंह, सतीश साहू, युगल जी, आलोक पाठक, सत्यप्रकाश रोहरा, मन्नू श्रीवास्तव, प्रहलाद जोगी, रिंकू सिंह, गप्पू मिश्रा, मोहन मल्लाह, आशीष मिश्रा, डॉ संजय वर्मा, शिव प्रताप सिंह, लोकनाथ सिंह, राणा प्रताप, मनोज अग्रवाल, प्रमोद पाठक, प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक उपस्थित रहे।

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