पश्चिम बंगाल में निपाह का साया: बारासात में दो पॉजिटिव केस मिलने से हड़कंप; केंद्र ने भेजी हाई-लेवल रिस्पॉन्स टीम

पश्चिम बंगाल में निपाह का साया: बारासात में दो पॉजिटिव केस मिलने से हड़कंप; केंद्र ने भेजी हाई-लेवल रिस्पॉन्स टीम

नई दिल्ली/कोलकाता। देश में एक बार फिर खतरनाक निपाह वायरस (NiV) ने दस्तक दी है। केरल के बाद अब पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में संक्रमण के दो पुष्ट मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली में एक आपातकालीन बैठक की और तुरंत एक 'नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम' (NJORT) गठित कर राज्य की मदद के लिए रवाना कर दिया है।

बारासात के अस्पताल से शुरू हुआ संक्रमण

संक्रमण के दोनों मामले बारासात स्थित एक निजी अस्पताल से सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार:

  • महिला मरीज: अस्पताल में भर्ती एक महिला में सबसे पहले लक्षण देखे गए।

  • पुरुष नर्स: इलाज के दौरान संक्रमित महिला के संपर्क में आने से एक पुरुष नर्स भी वायरस की चपेट में आ गया।

11 जनवरी को शुरुआती लक्षणों की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सैंपल्स की जांच कराई, जिसमें निपाह की पुष्टि हुई है।

नड्डा ने ममता बनर्जी से की चर्चा: केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे मुकाबला

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने खुद मोर्चा संभालते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की। नड्डा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राज्य की विशेषज्ञ मेडिकल टीम केंद्र द्वारा भेजी गई टीम के साथ मिलकर 'कंटेनमेंट स्ट्रेटेजी' पर काम करे।

केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार राज्य को हरसंभव तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करेगी ताकि वायरस को बारासात के बाहर फैलने से रोका जा सके।

निपाह वायरस: क्यों है यह इतना खतरनाक?

निपाह एक 'ज़ूनोटिक' वायरस है, जो जानवरों (मुख्य रूप से फ्रूट बैट्स/चमगादड़) से इंसानों में फैलता है। इसकी मृत्यु दर (Fatality Rate) काफी अधिक होने के कारण इसे बेहद घातक माना जाता है।

प्रमुख लक्षण और बचाव:

  • लक्षण: अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में दिमागी दौरे (Encephalitis)।

  • बचाव: गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को न खाएं, चमगादड़ों के आवास से दूर रहें और संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करते समय पीपीई किट व मास्क का प्रयोग करें।

इलाके में 'हाई अलर्ट', संपर्कियों की तलाश शुरू

बारासात के संबंधित निजी अस्पताल को फिलहाल बाहरी आवाजाही के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों की 'कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग' (संपर्कियों की तलाश) कर रहा है, जो पिछले एक सप्ताह में संक्रमित मरीज या नर्स के संपर्क में आए थे। उत्तर 24 परगना के साथ-साथ पड़ोसी जिलों और कोलकाता के अस्पतालों को भी संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।