पंचांग 14 जनवरी 2026: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त, सूर्य गोचर का समय और राहुकाल

पंचांग 14 जनवरी 2026: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त, सूर्य गोचर का समय और राहुकाल

नई दिल्ली। आज का दिन आध्यात्मिक और खगोलीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का महापर्व है, जब सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही आज षटतिला एकादशी का व्रत भी रखा जा रहा है। संक्रांति और एकादशी का एक ही दिन पड़ना 'अक्षय पुण्य' देने वाला माना गया है।

आज की तिथि और नक्षत्र

विक्रम संवत 2082 के माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आज का मुख्य समय है।

  • तिथि: एकादशी (शाम 05:53 PM तक), उसके बाद द्वादशी प्रारंभ।

  • वार: बुधवार (भगवान गणेश और बुध देव को समर्पित)।

  • नक्षत्र: अनुराधा (देर रात 03:04 AM तक), उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ।

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (मकर संक्रांति विशेष)

आज सूर्य का उत्तरायण मार्ग आरंभ होगा, जिससे 'खरमास' समाप्त हो जाएगा और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे।

  • मकर संक्रांति मुहूर्त (सूर्य गोचर): दोपहर 03:13 PM पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

  • पुण्य काल: दोपहर 03:13 PM से शाम 05:46 PM तक।

  • महा पुण्य काल: दोपहर 03:13 PM से शाम 04:58 PM तक।

  • सूर्योदय: सुबह 07:15 AM

  • सूर्यास्त: शाम 05:45 PM

  • चंद्र राशि: वृश्चिक (पूरे दिन)।

शुभ और अशुभ समय (Muhurat)

समय का प्रकार समय (Time)
अभिजीत मुहूर्त आज उपलब्ध नहीं है (बुधवार के कारण)।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:15 AM से अगले दिन 03:04 AM तक।
अमृत सिद्धि योग सुबह 07:15 AM से अगले दिन 03:04 AM तक।
राहुकाल (अशुभ) दोपहर 12:30 PM से 01:49 PM तक।
यमगण्ड सुबह 08:34 AM से 09:53 AM तक।

आज का विशेष योग और करण

  • योग: गंड (शाम 07:56 PM तक), उसके बाद वृद्धि योग।

  • करण: बालव (शाम 05:53 PM तक), उसके बाद कौलव।

मकर संक्रांति दान और महत्व

आज के दिन तिल, गुड़, नए वस्त्र, कंबल और खिचड़ी का दान करना सर्वोत्तम माना गया है। चूंकि आज षटतिला एकादशी भी है, इसलिए तिल का 6 प्रकार से उपयोग (स्नान, उबटन, तर्पण, दान, भोजन और हवन) करना जन्मों के पापों से मुक्ति दिलाता है।

सावधानी: एकादशी होने के कारण आज चावल का सेवन वर्जित है, इसलिए खिचड़ी का दान 'कच्चे अनाज' (दाल-चावल) के रूप में करना अधिक फलदायी होगा।

आज का दिशाशूल

बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल होता है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो घर से धनिया या तिल खाकर निकलना शुभ रहेगा।