महिलाओं को मिला व्यापक अधिकार ,सुप्रीम कोर्ट ने घरेलु हिंसा के खिलाफ बने कानून का दायरा बढ़ाया – Channelindia News
Connect with us

FEATURED NEWS

महिलाओं को मिला व्यापक अधिकार ,सुप्रीम कोर्ट ने घरेलु हिंसा के खिलाफ बने कानून का दायरा बढ़ाया

Published

on

कांग्रेस में बसपा के 6 विधायकों के जाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, भाजपा विधायक की मांग- रोकी जाए वोटिंग राइट्स!! channelindia.news

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इसके तहत अब घरेलू हिंसा की शिकार महिला को सास-ससुर समेत पति के किसी भी रिश्तेदार के घर में रहने का अधिकार होगा। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण कानून, 2005 की धारा-2(एस) का दायरा विस्तारित कर दिया है, जिसमें पति के साझा घर की परिभाषा है। इसके अनुसार हिंसा के बाद घर से निकाली गई महिला को अब दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। वह पति के साझा घर में रह सकेगी, जो इससे पहले मुमकिन नहीं था।

महिलाओं के साथ परिवार में हो रही हिंसा को रोकने के लिए वर्ष 2005 में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण देने के लिए यह कानून बनाया गया था। यह पत्नी, मां, बहन, बेटी, घरेलू महिला रिश्तेदारों पर हो रही शारीरिक, मानसिक, लैंगिक और आíथक प्रताड़ना से उनकी रक्षा करता है। इसमें घरेलू रिश्तों में किसी भी महिला के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शारीरिक अंगों को चोट पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आता है। दहेज, संपत्ति की मांग करना और एक ही घर में रहने वाले पिता, पति, भाई, ननद, सास, ससुर द्वारा तंग करना भी अपराध माना गया है। इसके साथ ही घरेलू कार्यो में रुकावट डालना, बच्चों एवं महिला को खर्च के पैसे न देना और महिला से उसकी संपत्ति छीन लेना भी घरेलू हिंसा के दायरे में आता है।

इसे भी पढ़े   कांग्रेस पदाधिकारियों ने एम्स मे पढ़ाई करने आये केरल के 60 छात्र -छात्रो को बसों में बैठाकर किया रवाना

कांग्रेस में बसपा के 6 विधायकों के जाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, भाजपा विधायक की मांग- रोकी जाए वोटिंग राइट्स!! channelindia.news

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक वर्ष 2013 में घरेलू हिंसा के 1,18,866 मामले दर्ज किए गए थे। 2012 के मुकाबले 2013 में इन घटनाओं में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसके अलावा वर्ष 2018 में घरेलू हिंसा के तहत सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे, जिसमें महिलाओं के पति या अन्य रिश्तेदार शामिल थे। इस दौरान महिलाओं को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने के करीब 27.6 फीसद मामले दर्ज हुए थे।

इसे भी पढ़े   CORONA BLAST : प्रदेश के एक और मंत्री के बंगले में फूटा कोरोना बम,एक साथ 10 कर्मचारी मिले पॉजिटिव, प्रशासन में हड़कंप

हमारे देश में अधिकांश महिलाएं किसी न किसी रूप में घरेलू हिंसा ङोलती हैं, जो कई बार हत्या में भी बदल जाती हैं। इन घटनाओं के बढ़ने का एक प्रमुख कारण महिलाओं को इस कानून की जानकारी का न होना है। जब एक लड़की अपने माता-पिता का घर छोड़कर शादी करके ससुराल आती है तो वही हमेशा के लिए उसका घर हो जाता है। ऐसे में महिलाओं के साथ हिंसा करना, उन्हें जबरन घर से बाहर निकालना कोई मर्दानगी नहीं है। जानकारी के अभाव में वे महिलाएं भी अपने साथ हो रहे र्दुव्‍यवहार को सहती रहती हैं। हिंसा करने वाले के साथ उसे सहने वाला भी कहीं न कहीं उतना ही अपराधी माना जाता है। कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के विरुद्ध बने कानून का दायरा विस्तृत कर महिलाओं को उच्चतर अधिकार दिया है, जो स्वागतयोग्य है। ऐसे में महिलाओं को अब डरने की नहीं, बल्कि जागरूक होने की आवश्यकता है।

इसे भी पढ़े   देह व्यापार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, रजिस्टर में दर्ज किया जाता था.......

 

 

Advertisement



Advertisement
Advertisement

CG Trending News

balrampur5 hours ago

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए तृतीय काउंसलिंग 31 अक्टूबर को

बलरामपुर 27 अक्टूबर 2020।  शैक्षणिक सत्र 2020-21 अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में...

balrampur5 hours ago

समय-सीमा की बैठक सम्पन्न, लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने कलेक्टर का निर्देश

बलरामपुर 27 अक्टूबर 2020। कलेक्टर श्याम धावड़े ने समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की।...

ambikapur5 hours ago

वर्मी कम्पोष्ट खाद बनाने में लापरवाही पर जनपद सीईओ को कारण बताओ नोटिस, साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न

अम्बिकापुर 27 अक्टूबर 2020। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में...

ambikapur5 hours ago

ई-मेगा कैम्प में बड़े पैमाने पर किया जाएगा प्रकरणों का निराकरण,31 अक्टूबर को होगा आयोजन

अम्बिकापुर 27 अक्टूबर 2020। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.पी. वर्मा के निर्देशानुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 31 अक्टूबर को...

channel india6 hours ago

मुख्यमंत्री का निर्देश हुआ बेअसर ,पटवारी मस्त,, किसान त्रस्त

रिपोर्टर एसके द्विवेदी की रिपोर्ट बलरामपुर   | जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में पटवारियों का दबदबा देखते ही बन रहा है...

खबरे अब तक

Advertisement