पुलिस की गुंडागर्दी ने तबाह की जिंदगी! रेल पटरी पर फेंका सब्जीवाले का तराजू, उठाने गया तो कट गए दोनों पैर

पुलिस की गुंडागर्दी ने तबाह की जिंदगी! रेल पटरी पर फेंका सब्जीवाले का तराजू, उठाने गया तो कट गए दोनों पैर

कानपुर: यूपी के कानपुर से पुलिसवाले की ऐसी करतूत सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी खून खौल उठेगा। जहां थाने के दीवान की दबंगई ने एक सब्जीवाले की पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। जिसके चलते सब्जीवाला अपने दोनों पैरों से महरूम हो गया। उसे कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में आरोपी दीवान को सस्पेंड कर दिया गया है।  

क्या है पूरा मामला? 
दरअसल, थाने के सामने रोड किनारे टमाटर बेचने वाले का तराजू पुलिसकर्मी ने उठाकर पास की रेल पटरी पर फेंक दिया था। जब सब्जीवाला उठाने गया तो ट्रेन से उसके दोनों पैर कट गए। चश्मदीदों ने बताया कि कल्याणपुर थाने के सामने रोड के किनारे सब्जीवालों की दुकानें लगती हैं। यहां दुकानें लगाना नियम के विरुद्ध है, लेकिन कुछ गरीब परिवार दशकों से यहीं दुकानें लगाकर अपना पेट पालते हैं। इन्हीं में शामिल लड्डू भी यहां टमाटर की दुकान लगाए हुआ था। दुकानदारों का आरोप है कि दीवान राकेश कल्याणपुर थाने के दरोगा शादाब के साथ मौके पर आए और उन्होंने पहले लड्डू को खूब हड़काया, फिर अचानक उसकी तराजू उठाकर पीछे रेलवे लाइन पर फेंक दी। 

 'तराजू मत पर फेंकिए, मैं दुकान हटा रहा हूं...''
इस दौरान सब्जीवाला पुलिस दीवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता रहा, 'तराजू मत पर फेंकिए, मैं दुकान हटा रहा हूं...'' लेकिन दीवान ने उसकी एक न सुनी और तराजू समेत कुछ समान उठाकर रेलवे पटरी पर फेंक दिया। दुकानदार लड्डू दीवार फांद कर जल्दी से अपना तराजू लेने पर रेलवे पटरी पर पहुंचा, उसी समय सामने से ट्रेन आ गई और उसके पैरों को काटते हुए चली गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार दौड़े और तब तक पुलिससकर्मी भी आ गए।

दीवान को दोषी पाते हुए किया गया सस्पेंड- एडीसीपी लाखन सिंह 
ऐसे में खून से लथपथ सब्जीवाले को लोगों ने पुलिस की मदद से उठाया और कानपुर के हैलट हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना को लेकर पुलिस का कोई भी अधिकारी बयान नहीं दे रहा है। हालांकि, एडीसीपी लाखन सिंह ने कि दीवान को दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया है। आगे की जांच की जाएगी। उसके बाद कार्रवाई ही जाएगी।