देश का एक ऐसा रहस्यमय झील, जिसका पानी हमेशा बदलता है अपना रंग… – Channelindia News
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देश का एक ऐसा रहस्यमय झील, जिसका पानी हमेशा बदलता है अपना रंग…

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अगर आप इतिहास-भूगोल में जरा भी रूचि रखते हैं तो ‘पामीर के पठार’ के बारे में जरूर जानते होंगे. इसे दुनिया की छत कहा जाता है और इसी छत के बीच एक प्राचीन और ‘रहस्यमय’ झील भी है, जिसका नाम है कराकुल झील. समुद्र तल से करीब 4 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील 380 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है और 230 मीटर तक गहरी है. यह झील देखने में तो बेहद ही खूबसूरत लगती है, क्योंकि यह चारों तरफ से बर्फीले पहाड़ों और ऊंचे रेगिस्तानी इलाकों से घिरी हुई है, लेकिन इस झील तक पहुंचना इतना आसान नहीं है. यहां तक आने के लिए लोगों को जोखिम भरे सफर करने पड़ते हैं. हालांकि जोखिमों से नहीं डरने वाले लोग दूर-दूर से इस झील को देखने के लिए आते हैं.

वैसे सच्चाई तो किसी को नहीं पता, लेकिन कहा जाता है कि इस झील का निर्माण करीब ढाई करोड़ साल पहले धरती से एक उल्कापिंड के टकराने की वजह से हुआ था. पहले तो इस झील का नाम ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के नाम पर रखा गया था, लेकिन बाद में सोवियत संघ ने इसका नाम बदल दिया और कराकुल झील रख दिया, जिसका मतलब होता है काली झील।

इस झील के बारे में कहा जाता है कि इसके पानी में नमक की मात्रा बहुत ही ज्यादा है और इस वजह से इसमें कोई भी जीव नहीं पाया जाता, बस एक खास तरह ही मछली ही इस पानी में जिंदा रह पाती है. इस मछली का नाम ‘स्टोन लोच’ है. यह मछली बलुआ तलछट वाली झीलों में आराम से रह सकती है. हालांकि समय-समय पर इस झील के आसपास के दलदली किनारों पर हिमालय पर्वत पर रहने वाले बाज और तिब्बती तीतर जरूर घूमते हुए चले आते हैं.

मृत सागर यानी डेड सी का नाम तो आपने सुना ही होगा, जिसके पानी में इतना नमक है कि वहां कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता, कराकुल झील को भी दूसरा ‘डेड सी’ कहा जा सकता है. हैरान करने वाली ये भी है कि कराकुल झील में नाव चलाना भी लगभग नामुमकिन है और इसकी वजह है इसका खारा पानी. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि झील के पास ही एक छोटा सा गांव भी है, जिसका नाम भी कराकुल है, लेकिन इस गांव में बहुत कम ही लोग रहते हैं और इस वजह से यह किसी ‘भुतहा गांव’ की तरह लगता है.

इस झील को लेकर जो सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है, वो ये कि इस झील का पानी दिन में कई बार अपना रंग बदलता है. कभी झील नीले रंग का दिखता है तो कभी फिरोजी और कभी हरे रंग का. शाम को तो इसका पानी गहरा काला दिखाई देने लगता है. अब ऐसा क्यों होता है, इसके बारे में कोई सटीक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.

 

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