भारत का एक ऐसा मंदिर, जहां आज भी मौजूद है भगवान परशुराम का विशालकाय फरसा… – Channelindia News
Connect with us

BREAKING

भारत का एक ऐसा मंदिर, जहां आज भी मौजूद है भगवान परशुराम का विशालकाय फरसा…

Published

on

किस्से-कहानियों में अक्सर आपने भगवान परशुराम और उनके फरसे के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि वो फरसा आज भी धरती पर मौजूद है। जी हां, दावा किया जाता है कि एक पहाड़ी पर स्थित एक मंदिर में भगवान परशुराम का फरसा गड़ा है, जिसे खुद उन्होंने ही गाड़ा था। इस फरसे से जुड़ी एक बेहद ही रहस्यमय कहानी है, जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे। आज हम आपको इसी कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको हैरान कर देगी।

दरअसल, झारखंड की राजधानी रांची से करीब 150 किलोमीटर दूर गुमला जिले में एक पहाड़ी है, जहां स्थित है टांगीनाथ धाम। इसी धाम के एक मंदिर में मौजूद है भगवान परशुराम का फरसा। वैसे तो यह फरसा खुले आसमान के नीचे है, लेकिन आज तक इसमें कभी जंग नहीं लगा। यह किसी रहस्य से कम नहीं है कि हजारों साल बाद भी यह पूरी तरह सुरक्षित है।
मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस फरसे से छेड़छाड़ की कोशिश करता है, उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ता है। कहते हैं कि एक बार लोहार जनजाति के कुछ लोगों ने फरसे को जमीन से उखाड़ कर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन जब फरसा नहीं उखड़ा तो उन्होंने उसके ऊपरी भाग को काट दिया। हालांकि, उसे भी वो ले जाने में नाकाम रहे।
कहा जाता है कि इस घटना के बाद आसपास रहने वाले लोहार जनजाति के लोगों की एक-एक मौत होने लगी, जिसके बाद वो इलाका ही छोड़कर चले गए। आज भी इस जनजाति के लोग आसपास के गांवों में रहने से घबराते हैं। भगवान परशुराम के टांगीनाथ धाम आने और वहां अपना फरसा जमीन में गाड़ने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है।
मान्यता है कि त्रेतायुग में जनकपुर में माता सीता के स्वयंवर के दौरान, जब भगवान राम ने शिवजी का धनुष तोड़ा, तो उसकी भयंकर ध्वनि सुनकर परशुराम जी गुस्से में जनकपुर पहुंच गए और उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण को पहचाने बिना ही उन्हें खूब बुरा-भला कहा, लेकिन बाद में जब उन्हें ये अहसास हुआ कि राम जी भगवान विष्णु के अवतार हैं, तो वो बहुत लज्जित हुए और अपने किए का प्रायश्चित करने के लिए घने जंगलों के बीच एक पहाड़ पर चले गए। वहीं पर उन्होंने अपना फरसा गाड़ दिया और तपस्या करने लगे। उसी जगह को आज टांगीनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि फरसे के अलावा भगवान परशुराम के पदचिह्न भी वहां मौजूद हैं।

टांगीनाथ धाम में सैकड़ों शिवलिंग और प्राचीन प्रतिमाएं भी हैं और वो भी खुले आसमान के नीचे। बताया जाता है कि साल 1989 में पुरातत्व विभाग ने यहां खुदाई करवाई थी, जिसमें हीरा जड़ित मुकुट और सोने-चांदी के आभूषण समेत कई कीमती वस्तुएं मिली थीं। हालांकि, बाद में अचानक ही खुदाई बंद कर दी गई। अब इसके पीछे क्या वजह थी, यह आज भी एक रहस्य ही है। वहीं खुदाई में मिली चीजें आज भी डुमरी थाना के मालखाने में रखी हुई हैं।

 


Advertisement

Advertisment

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

CG Trending News

 अंबिकापुर13 seconds ago

पेट्रोल के लिए आपको क्यों चुकानी पड़ रही ज्यादा कीमत, सरकार ने बताई ये बड़ी वजह..

नई दिल्ली. पेट्रोल के दाम पिछले 18 दिनों से लगातार स्थिर है. के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में एक...

channel india9 mins ago

India में लॉन्च हुई Ducati Monster बाइक , फीचर्स और कीमत जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर…

2021 डुकाटी मॉन्स्टर (Ducati Monster) को भारत में लॉन्च कर दिया गया है, जिसकी कीमतें स्टैंडर्ड वेरिएंट के लिए 10.99...

BREAKING23 mins ago

कोल ब्लॉक नीलामी के लिए दबाव बना रहा केंद्र सरकार : मंत्री रविंद्र चौबे

रायपुर(चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सीएम भूपेश बघेल के दिल्ली दौरे को लेकर बड़ी जानकारी दी...

BREAKING45 mins ago

बदमाशों के हौसले बुलंद, 3 दिनों में चाकूबाजी की तीसरी बड़ी वारदात, 4 आरोपी गिरफ्तार…

रायपुर(चैनल इंडिया)। राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की वारदातें अब आम हो गई हैं. बेखौफ बदमाश रोजाना बेधड़क होकर लोगों को...

 सक्ती1 hour ago

अमलडीहा  में निःशुल्क चिकित्सा एवं आयुष मेला सम्पन्न

सक्ती(चैनल इंडिया)|  छत्तीसगढ़ शासन आयुष विभाग द्वारा आज अमलडीहा (सक्ती) में आयुष मेला तथा नि:शुल्क चिकित्सा व दवा वितरण का...

Advertisement
Advertisement