एक बार फिर गहराया मंगल की सतह के नीचे की झीलों का रहस्य, अब मिट्टी बनी इसकी वजह… – Channelindia News
Connect with us

BREAKING

एक बार फिर गहराया मंगल की सतह के नीचे की झीलों का रहस्य, अब मिट्टी बनी इसकी वजह…

Published

on

मंगल ग्रह (Mars) की सतह के नीचे की झीलों का रहस्य हाल के समय में गहरता रहा है. शोधकर्ताओं को इस बात के संकेत मिले थे कि यहां की सतह के नीचे तरल पानी की झीलें मौजूद हो सकती हैं, लेकिन उन्हें पुष्ट प्रमाण नहीं मिल सके. वहीं इस दावे पर संदेह होने के कम कारण नहीं हैं. यही वजह से है कि मंगल की सतह के नीचे के हालात के शोध पर ज्यादा ध्यान दिया जाने लगा है. हाल ही में इस विषय पर तीन शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं जिनके मुताबिक मंगल से आए राडार संकेत बताते हैं कि मंगल की सतह के नीचे जो झील के संकेत दिख रहे है उसकी वजह पानी नहीं बल्कि मिट्टी (Clay) है.

मंगल ग्रह पर ये संकेत वहां के दक्षिणी ध्रुव से मिले हैं. इसके अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर से मिले संकेतों का उपयोग किया. तीनों अध्ययन में पाया गया है कि जिस पदार्थ की वजह से ऐसे राडार संकेत मिल रहा है, वह मिट्टी हो सकती है.

खास तरह की मिट्टी
यॉर्क यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक आइजैक स्मिथ ने प्रस्ताव दिया है कि सतह के नीचे की संरचना वास्तव में एक खास मिट्टी का समूह है जिसे स्मेक्टाइट कहते हैं जिसकी विशेषताओं का मापन भी उन्होंने लैब में मापी थीं. अभी तक वैज्ञानिकों को यही लगता था कि ये बर्फ के नीचे पानी की झील मौजूद हैं.

15 साल के आंकड़ों का विश्लेषण
नासा के जेपीएल में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहे एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्र आदित्य खुल्लर और जेपीएल के जेफ्री प्लॉट ने मार्स एडवांस राडार फॉर सबसर्फेस ऐंड आयनोस्फियरिक साउंडिंग (MARSIS) के आंकड़ों उपयोग कर 15 साल के 44 हजार प्रतिध्वियों का विस्तार से विश्लेषण

नासा की तस्वीरें
स्मिथ ने खाजा क MARSIS राडार से मिले अवलोकन जमी हुई मिट्टी के नमूनों से मिली प्रतिक्रियाओं से मेल खाते हैं. इसी बीच नासा ने भी मंगल से मिली ताजा तस्वीरों को साझा किया है. इन तीन तस्वीरों में से पहली तस्वीर जिजी क्रेटर में परतदार चट्टानों की संरचना दिखा रही है. वहीं दूसरी तस्वीर ध्रुवीय टीले की है.तीसरी तस्वीर बर्फ की चादरों की है. नासा ने ये तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की हैं.

मिट्टी पर राडार के संकेतों का असर
नासा के मुताबिक स्मेक्टाइट सामान्य चट्टान कीतरह दिखाई देता है. लेकिन इसका निर्माण लंबे समय पहले तरल पानी की वजह से हुआ था. स्मिथ ने बहुत सारे स्मेक्टाइट नमूनों को सिलेंडर में रखकर यह देखा के वे राडार के संकेतों पर कैसी प्रतिक्रिया करते होंगे. उन्होंने इन नमूनों को तरल नाइट्रोजन से भी भिगाने के बाद -50 डिग्री सेल्सियस तक जमाकर देखा जिससे मंगल के दक्षिण ध्रुव जैसे हालात बन सकें.
स्मिथ का कहना है कि लैब ठंडी थी और उस वक्त कनाडा में सर्दी का मौसम था और तरस नाइट्रोजन से नमूने और ठंडे हो गए. स्मिथ ने पाया कि MARSIS राडार के अवलोकनों से मिट्टी के नूमने सटीक रूप से मेल खाते दिखे. इसके अलावा स्मिथ ने MRO के आंकड़ों से यह भी पाया कि बर्फ की चादर के पास स्मेक्टाइट भी मौजूद है. अब संकेतों की प्रमाणिक पुष्टि तो मंगल के उत्तरी ध्रुव पर जाने के बाद वहां बर्फ की खुदाई करने के बाद ही हो सकेगी.


Advertisement

Advertisment

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

CG Trending News

BREAKING11 mins ago

कोल ब्लॉक नीलामी के लिए दबाव बना रहा केंद्र सरकार : मंत्री रविंद्र चौबे

रायपुर(चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सीएम भूपेश बघेल के दिल्ली दौरे को लेकर बड़ी जानकारी दी...

BREAKING33 mins ago

बदमाशों के हौसले बुलंद, 3 दिनों में चाकूबाजी की तीसरी बड़ी वारदात, 4 आरोपी गिरफ्तार…

रायपुर(चैनल इंडिया)। राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की वारदातें अब आम हो गई हैं. बेखौफ बदमाश रोजाना बेधड़क होकर लोगों को...

 सक्ती57 mins ago

अमलडीहा  में निःशुल्क चिकित्सा एवं आयुष मेला सम्पन्न

सक्ती(चैनल इंडिया)|  छत्तीसगढ़ शासन आयुष विभाग द्वारा आज अमलडीहा (सक्ती) में आयुष मेला तथा नि:शुल्क चिकित्सा व दवा वितरण का...

BREAKING1 hour ago

इस राज्य में अब स्पा सेंटर के बंद कमरों में आप नहीं करा पाएंगे मसाज

नई दिल्ली(चैनल इंडिया)। फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर या व्यावसायिक चिकित्सा डिग्री, डिप्लोमा प्रमाण पत्र के बगैर अब स्पा सेंटरों में यूं ही...

BREAKING1 hour ago

दूध पीने की जिद कर रहा था बच्चा,मां ने जमीन पर दिया पटक, मौत

कोरबा(चैनल इंडिया)। बालको थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक मां ने अपने ढाई साल के मासूम बच्चे को मौत के घाट...

Advertisement
Advertisement