MP: माध्यमिक शिक्षा मंडल का ऍप और पोर्टल लांच होते ही हुआ बंद…. – Channelindia News
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MP: माध्यमिक शिक्षा मंडल का ऍप और पोर्टल लांच होते ही हुआ बंद….

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भोपाल। कोरोना काल में शिक्षा मंडल द्वारा नयी शिक्षा नीति बनाई गयी थी,तो वहीं अब शिक्षा मंडल की ओर से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बनाई गई सभी कार्ययोजना को शासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है।एक तरफ जहाँ मंडल ऑनलाइन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की तैयारी कर रहा था,इसमें विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं से लेकर आंतरिक मूल्यांकन कराने तक की योजना थी,तो वही अब स्कूल शिक्षा विभाग ने इस पूरी कार्ययोजना को निरस्त कर दिया है। यही नहीं मंडल ने 13 अगस्त को लांच किए एक पोर्टल और एप को भी बंद कर दिया है, इसका शुभारंभ खुद स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने किया था। ज्ञात हो कि एक सितंबर से एप और पोर्टल पर विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं मिलनी थीं, लेकिन ये शुरू ही नहीं हो पाया।

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एप और पोर्टल से विद्यार्थी अपना नामांकन निशुल्क करा सकते थे। पर अब विद्यार्थियों को एमपी ऑनलाइन पर शुल्क देकर दाखिला लेना होगा। इतना ही नहीं दूरदर्शन पर सात सितंबर से प्रसारित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रम पर भी रोक लगा दी गई है। इस संबंध में जब मंडल अध्यक्ष राधेश्याम जुलानिया से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने शासन से जानकारी लेने की बात कही।

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माशिमं और स्कूल शिक्षा विभाग की खींचतान का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी फरवरी में नवीं व 11वीं की परीक्षा कराने को लेकर मंडल और विभाग में मतभेद सामने आया था। इस साल जुलाई में मंडल अध्यक्ष राधेश्याम जुलानिया के पद ग्रहण करने के बाद मतभेद बढ़ते गए। अभी तक मंडल की भूमिका सिर्फ बोर्ड परीक्षाओं तक ही रही है, लेकिन नए अध्यक्ष मान्यता से लेकर पढ़ाई कराने तक की योजना पर काम करना चाहते हैं।

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स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री परमार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं होने से उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। फिलहाल नवीं से बारहवीं कक्षा तक के स्कूल 21 सितंबर से खोलने की तैयारी है। हालांकि विभाग ने अब तक कोई जमीनी तैयारी नहीं की।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। कई विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन ही नहीं हैं। ऐसे में मंडल की ओर से फिर से ऑनलाइन कक्षा चलाना सही नहीं था।

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