क्या आपकी कॉलोनी में भी मच्छर भगाने के लिए होती है फॉगिंग?, तो हो जाए सावधान, जानें इसके नुकसान….. – Channelindia News
Connect with us

channel india

क्या आपकी कॉलोनी में भी मच्छर भगाने के लिए होती है फॉगिंग?, तो हो जाए सावधान, जानें इसके नुकसान…..

Published

on


नई दिल्ली(चैनल इंडिया)|   डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां भी दस्तक देती है। ये बीमारियां मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। इसमें डेंगू सबसे ज्यादा खतरनाक होता है।  यह मच्छर के पनपने का सबसे अनुकूल समय होता है क्योंकि इन महीनों में बारिश के बाद साफ पानी के गड्ढे भर जाते हैं और यहीं यह मच्छर अंडे देते हैं, जिन्हें हम लार्वा कहते हैं।

मच्छर से होने वाली खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय आज़माते हैं। जैसे क्रीम, स्प्रे, मैट, रैकेट और फॉगिंग। आज हम बता रहे हैं कि मच्छरों को मारने के लिए फॉगिंग कितनी असरदार है।

इसे भी पढ़े   लॉकडाउन का उल्लंघन: शराब तस्करी करते रँगे हाथ पकड़ाया सरपंच का भाई!!

भले ही राज्य सरकार और नगरपालिका इन महीनों में फॉगिंग का सहारा लेती हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना ​​है कि फॉगिंग अप्रभावी है और डेंगू व चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद नहीं करती है।

अगर डाटा की मानें तो फॉगिंग से वास्तव में मच्छरों की संख्या पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है। यह धुआं मच्छरों को मारता नहीं है बल्कि कुछ देर के लिए भगा देता है। साथ ही यह जोखिम भरा भी है।

इसे भी पढ़े   लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं, 3 मई को मोदी लेंगे फैसला,प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ ली बैठक

खतरनाक है लेकिन असरदार नहीं है फॉगिंग 

ऐम्स के सीनियर डॉक्टर का कहना है कि एक शोध में पाया गया है कि मच्छर वास्तव में इस कैमिकल के प्रतिरोधी हैं, फॉगिंग से मरते नहीं हैं। इसलिए फॉगिंग पर आप भरोसा नहीं कर सकते हैं। डेंगू से छुटकारा पाना है तो उसके लार्वा को खत्म करना होगा।

नगर निगमों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली फॉगिंग मशीनें एक घंटे में 95 लीटर डीजल में कीटनाशक को मिलाकर इस्तेमाल करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, फॉगिंग में उपयोग किए जाने वाले कीटनाशकों में से एक मैलाथियोन है जो मनुष्यों के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर कमजोर या बीमार लोगों के लिए।

इसे भी पढ़े   हैदराबाद से वापस आयी युवती की कोरण्टाइन्ट में हो गई मौत , मामले में पिता का आया बयान वह जनवरी माह से थी बीमार।

मैलाथियोन लंबे समय तक के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे लंबे समय के लिए दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। वहीं, पूरी तरह से स्वस्थ लोगों को भी कुछ समय के लिए सांस से संबंधित और सिर दर्द जैसे दिक्कतें आ सकती हैं। जो लोग पहले से ही सांस से संबंधित दिक्कतों से जूझ रहे हैं उनके लिए यह खासकर हानिकारक हो सकता है।

Advertisement



Advertisement
Advertisement

CG Trending News

BREAKING22 mins ago

राजधानी में 100 से अधिक लोगों से ठगी करने वाले प्रेमी जोड़े बंटी-बबली गिरफ्तार, खरीदार और वकील बन करते थे ठगी… कई थानों में थे शिकायत

रायपुर(चैनल इंडिया)। राजधानी रायपुर में प्रेमी जोड़े द्वारा बंटी-बबली बन विज्ञापन देने वालो के साथ ठगी करने का मामला सामने...

channel india49 mins ago

समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद् ने किया कन्या पूजन, महाआरती का भी हुआ आयोजन

रायपुर(चैनल इंडिया)। समग्र ब्राह्मण मातृशक्ति परिषद् की रायपुर जिला एवं शहर ईकाई द्वारा आज दुर्गा नवमी के अवसर पर नौ...

channel india1 hour ago

चिराग पासवान चला रहे ‘असंभव नीतीश’ मुहिम, बोले- जहां LJP कैंडिडेट नहीं, वहां BJP को दें वोट

पटना(चैनल इंडिया)। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवानबिहार चुनावों में लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर बने हुए हैं.  उन्होंने...

balrampur1 hour ago

जन जागरूकता अभियान “जागृति” अंतर्गत ग्राम इन्जानी व ग्राम मुरका, थाना चलगली तथा ग्राम वीरेन्द्र नगर, चौकी डिंडो में लगाया गया चलित थाना

एस के द्विवेदी की रिपोर्ट बलरामपुर(चैनल इंडिया)। पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज रतन लाल डांगी एवं रामकृष्ण साहू (भापुसे), पुलिस अधीक्षक,...

balod district2 hours ago

कोरोना मुक्त भारत : जिला प्रशासन बालोद के दिशानिर्देश पर रेडक्रास टीम द्वारा विभिन्न ग्रामों में फैला रहे जनजागरूकता अभियान

डौंडी(चैनल इंडिया)। ईना मीना डीगा, मास्क है अभी टीका। कोरोना संक्रमण से है बचना, तो सामाजिक दूरी बनाए रखना ।...

खबरे अब तक

Advertisement