कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को मिलेगी फाइनेंशियल हेल्प, केंद्र सरकार ने 5.05 करोड़ रुपये की दी मंजूरी – Channelindia News
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कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को मिलेगी फाइनेंशियल हेल्प, केंद्र सरकार ने 5.05 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

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कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले कुल 101 पत्रकारों के आश्रितों को फाइनेंशियल हेल्प के तौर पर 5.05 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. केंद्र सरकार ने राज्यसभा को सोमवार को यह जानकारी दी. एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उच्च सदन को बताया कि सरकार ने कोविड वायरस की वजह से मारे गए पत्रकारों के परिवारों को फाइनेंशियल हेल्प देने के लिए एक खास अभियान चलाया है.
मंत्री ने कहा, ‘प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा मिली एप्लीकेशन और जो केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रशासित पत्रकार कल्याण योजना (JWS) के तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करती है. उसके आधार पर कोविड संक्रमण से मरने वाले पत्रकारों के 101 परिवारों में प्रत्येक को 5 लाख राशि यानी वित्तीय सहायता के लिए 2020 और 2021 के दौरान 5.05 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई.

कृषि ऋण माफी से जुड़ी कोई योजना नहीं
वहीं, किसानों के कर्ज माफी से जुड़े प्रस्ता्व को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से यह स्पेष्टम कर दिया गया है कि किसानों के कर्ज माफी से जुड़ा कोई भी प्रस्तावव न तो उनके पास आया है और न ही विचाराधीन है. केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब के तौर पर यह जानकारी दी गई है. सरकार की तरफ से यह भी बताया गया है कि उसने किसानों की सहायता के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की हैं.
सरकार ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों सहित किसानों का कर्ज माफ करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि केंद्र ने ‘कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना (ADWDRS), 2008’ के बाद से कोई भी कृषि ऋण माफी योजना लागू नहीं की है. उन्होंWने ने बताया, ‘देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों सहित किसानों का कर्ज माफ करने का भारत सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.’

इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण का रास्ता साफ?
वहीं, इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण का रास्ता साफ होता दिख रहा है. लोकसभा ने सोमवार को उस बिल को पास कर दिया जो सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण की अनुमति देता है. 30 जुलाई को लोकसभा में जनरल इंश्योरेंस बिजनेस नेशनलाइजेशन अमेंडमेंट बिल 2021 बिल पेश किया गया था. आज इसे मंजूरी मिल गई. बता दें कि यूनियन कैबिनेट ने GIBNA Act में बदलाव को पहले ही मंजूरी दे दी थी.

 


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