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ब्लैक फंगस के मरीजों को इस इंजेक्शन से हो रहा साइड इफेक्ट, अस्पताल ने बंद किया इस्तेमाल

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मध्य प्रदेश में कोरोना के केस कम और ब्लैक फंगस के बढ़ते जा रहे हैं. हर दिन बड़ी संख्या में पूरे राज्य से ब्लैक फंगस बीमारी के नए केस सामने आ रहे हैं. इन नए केसों के बीच एक चौंकाने वाली बात भी निकलकर सामने आ रही है. दरअसल इस बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इंदौर में जब एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन लगाए गए तो उन्हें जबरदस्त ठंड, तेज बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी.
ऐसा सिर्फ इंदौर में ही नहीं हुआ सागर और जबलपुर में भी इंजेक्शन के ये साइड इफेक्ट देखने को मिले. साइड इफेक्ट देखते हुए इंदौर के मेडिकल कॉलेज ने इंजेक्शन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है

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महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में अब ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है. एमजीएम के डीन डॉ संजय दीक्षित का कहना है कि हमारे सामने ऐसे कई केस आए. जिसमें ब्लैक फंगस के मरीज को एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन देने के बाद उन्हें दिक्कत होने लगी.

हमने अस्पताल में इंजेक्शन प्रयोग किया बंद
डॉ दीक्षित ने बताया कि कुछ दिन पहले राज्य सरकार ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए लियोफिलाइज्ड एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की तीन हजार शीशियां भेजी थीं, लेकिन जैसा कि रोगियों में इस इंजेक्शन के साइड इफेक्ट देखे जा रहे हैं, तो ऐसे में पोस्ट-कोविड बीमारियों के इलाज के लिए इंजेक्शन का उपयोग बंद कर दिया गया है.

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30% से 70% मरीजों को हो रहा साइड इफेक्ट
डॉ दीक्षित ने बताया कि कुछ रोगियों को लियोफिलाइज्ड एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन दिए जाने पर साइड इफेक्ट देखने को मिले. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ये इंजेक्शन अब और नहीं देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन बहुत सस्ता आता है और सालों से मरीजों को दिया जा रहा है. इंजेक्शन लगाने पर लगभग 30 से 70 प्रतिशत रोगियों को साइड इफेक्ट का अनुभव होता है, जिसमें मुख्य रूप से ठंड लगना शामिल है, जो चिंता का विषय नहीं है, लेकिन फिर भी, इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है. अब हम मरीजों को केवल लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन दे रहे हैं, जो हमें पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है.
बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश स्थित एक कंपनी से 25,000 लियोफिलाइज्ड इंजेक्शन खरीदने का फैसला किया था, जिसमें से 12,000 इंजेक्शन कुछ दिन पहले इंदौर विशेष विमान द्वारा लाए गए थे. इन 12,000 इंजेक्शनों में से 3,000 इंजेक्शन एमजीएम मेडिकल कॉलेज को दिए गए, जबकि बाकी को राज्य के अन्य जिलों में भेजा गया था.

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