बड़ी खबर : सरकार के इस कदम से किसानों के आमदनी बढ़ाने में मिलेगी मदद – Channelindia News
Connect with us

BREAKING

बड़ी खबर : सरकार के इस कदम से किसानों के आमदनी बढ़ाने में मिलेगी मदद

Published

on

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपला ने लिनाक-एनसीडीसी, इंस्टीट्यूशनल एरिया, गुरुग्राम, हरियाणा में “लिनाक-एनसीडीसी मत्स्यपालन व्यापार इनक्यूबेशन केंद्र” (लिफिक) का शुभारंभ किया. इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री, डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित रहें.
लिफिक की शुरुआत राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा की जा रही है, जो कि भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्यपालन विभाग की प्रमुख योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत आने वाली सहकारी समितियों के लिए अंतिम कार्यान्वयन एजेंसी है.
दुनियाभर में मछली उत्पादन का 47 फीसदी हिस्सा जलीय कृषि से ही आता है. जिस तरह से दुनिया की आबादी बढ़ रही है, उसे देखते हुए 2050 तक जलीय खाद्य पदार्थों की खपत में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. भारत में खाद्यान्न उत्पादन के मुकाबले जलीय कृषि कहीं तेज गति से आगे बढ़ रही है. 2012-13 में जहां इसकी वृद्धि दर 4.9 थी, वहीं 2018 में यह बढ़कर 11.9 फीसदी तक जा पहुंची है.

बायोफ्लॉक के जरिए करें अच्छी
कमाई
भारत मछली उत्पादन के क्षेत्र में दूसरे नंबर पर है लेकिन अधिक उत्पादन के लिए जो तरीके अपनाए जा रहे हैं, उनसे समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. एक तो जमीन और जलीय संसाधन में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा हो गई है और लागत काफी बढ़ गई है.
इसके अलावा, विदेशी प्रजातियां पालने से मूल किस्मों पर बुरा असर पड़ रहा है और बहुत अधिक बीज संवर्धन करने के कारण बीमारियां भी फैल रही हैं.बायोफ्लॉक तकनीक इन्हीं समस्याओं का निदान है. इस तकनीक के सहारे कम क्षेत्र में मछलियों का अधिक उत्पादन किया जा सकता है.
बायोफ्लॉक दरअसल शैवाल, जीवाणु, प्रोटोजोआ, अनुपयुक्त खाना और मछली मल से बना होता है. इसमें 60 से 70 फीसदी कार्बनिक और 30 से 40 फीसदी अकार्बनिक पदार्थ होते हैं.

बड़े बायोफ्लॉक्स नग्न आंखों से भी देखे जा सकते हैं.
आमतौर पर मछली पालन में बाहर से दिए गए फीड का 20 से 30 फीसदी हिस्सा ही मछलियां उपयोग करती हैं. बाकी बचे पानी में ही रह जाते हैं.
इन्हीं बचे हुए कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों को बायोफ्लॉक विशेष सूक्ष्म जीवों के जरिए फिर से खाने लायक बना देती हैं. इस तकनीक से लगतार पानी में ऑक्सीजन मिलता रहता है. इस तकनीक के लिए सर्वाहारी स्वभाव वाली किस्में पालनी होंगी.
बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन करने पर कम पानी और कम क्षेत्र की जरूरत होती है. इस वजह से शुरुआती लागत घट जाती है और कम जगह में ही ज्यादा से ज्यादा मछलियां पालकर अच्छी कमाई हो जाती है.

देशभर में खुलेंगे इनक्यूबेशन सेंटर

इस तरह के मत्स्य पालन बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर केन्द्र सरकार द्वारा जल्द ही देश भर में बनाए जाएंगे, जैसा कि पिछले साल शुरू की गई. केंद्रीय फ्लैगशिप योजना प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई) के तहत नीली क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के माध्यम से कल्पना की थी.
सबसे पहले, एनसीडीसी ने चार राज्यों से लिफिक के लिए दस इनक्यूबेट्स के पहले बैच की पहचान की है. उनमें से 6 पीएमएमएसवाई के तहत वित्तीय दिग्गज के समर्थन से नव निर्मित मछली किसान उत्पादक संगठनों से हैं. मत्स्य व्यवसाय में दिखाई गई उनकी गहरी उद्यमशीलता की रुचि के आधार पर इनक्यूबेटी चयनित होते हैं.
वास्तव में पीएमएमएसवाई के तहत मत्स्य पालन केंद्र (एफआईसी) युवा पेशेवरों, उद्यमियों, सहकारी समितियों, संघों,प्रगतिशील मछली किसानों, मत्स्य पालन आधारित उद्योगों और अन्य संस्थाओं को प्रासंगिक इन्क्यूबेशन सहयोग करेगें जिससे उनके इनोवेशन को प्रदर्शित और व्यवसायीकरण किया जा सके.

 

Advertisment

Advertisement

Advertisment

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

CG Trending News

BREAKING7 mins ago

CG News: निर्वाचन आयोग ने इन 103 लोगों के चुनाव लड़ने पर लगाई रोक

रायपुर (चैनल इंडिया)| छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में आम और उप चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच राज्य...

BREAKING10 mins ago

Cm योगी ने दिए निर्देश, विदेश से आने वालों की पड़ताल हो और कहा- हर स्तर पर बरतें सावधानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चाधिकारियों को कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर हर स्तर पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए...

BREAKING3 hours ago

यहां के फैक्टरी में लगी भीषण आग, जवानों ने मौके पर पहुँचकर बचाई लोगों की जान…

पुलवामा में सोमवार देर रात एक फैक्टरी में आग लग गई। काम कर रहे कई मजदूर अंदर फंस गए। सूचना...

bilaspur3 hours ago

बाघ और बाघिन के बीच कातिलाना प्यार! जानिए क्या है पूरा मामला

लोरमी (चैनल इंडिया)| इंसानी रिश्तों में इश्क और फिर कत्ल की कहानी तो सभी ने खूब सुनी होगी, लेकिन छत्तीसगढ़...

BREAKING3 hours ago

कृषि कानूनों की वापसी के बाद आंदोलन में शामिल किसान लौटना चाहते हैं घर, संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले का इंतजार…

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से सटे सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि वे अब घर...

Advertisement
Advertisement