कुदुदंड के चांदनी चौक से पहली बार महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की निकली भव्य रथयात्रा

कुदुदंड के चांदनी चौक से पहली बार महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की निकली भव्य रथयात्रा

बिलासपुर से गणपत चौहान की रिपोर्ट 

रथ के पहिए जिस गली मोहल्ले चौक चौराहों से निकले श्रद्धालु पूजा कर हुए नतमस्तक


बिलासपुर। कुदुदंड चांदनी चौक की भजन सखी संस्थान,सखी सहेली,अरपा संगिनी तथा मोहल्लेवासियों के द्वारा सात जुलाई की संध्या ओडिसा के जगन्नाथ धाम की तरह पहली दफे महाप्रभु जगन्नाथ बलभद्र व सुभद्रा को भव्य रथ पर आरूढ़ कर शिव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार घंट,शंख, ध्वनि व हरिबोली के जयकारे भजन मंडली के झांझो व मृदंग की अनुगुंज के साथ नाचते गाते रथ को खींचा गया।  रथ के आगे चंद्रवंशी परिवार के बब्बू द्वारा झाडू से बुहारने का शुभारंभ किया। वहीं दूसरी ओर गीता पानी छिड़कते चली। यात्रा जिस गली मोहल्ले चौक चौराहों से गुजरती गई श्रद्धालुओं ने अपने घरों के सामने मोहल्लेवासी अनेकों स्थानों पर आकर्षक रंगोली बनाकर भगवान जगन्नाथ की रथ की। प्रतिक्षारत जिस पर दीपोत्सव की तरह दीप प्रज्ज्वलित कर रखे थे, जैसे ही रथ सामने पहुंचती थी रथ पर आरूढ़ महाप्रभु जगन्नाथ बलदाऊ और सुभद्रा के प्रतीकात्मक मू्र्ति पर फूलों से वर्षा करते रहे।

रथयात्रा का शुभारंभ जब चांदनी चौक,मिलन चौक,शिव चौक, गायत्री मंदिर चौक,मुंगेली नाका चौक,शेफई स्कूल चौक जहां जहां से गुजरी भक्तजनों का अपार उत्साह व उमंग दिखा। समूचा क्षेत्र  धर्ममय माहौल में परिवर्तित हो चुका था। मातृशक्ति की शताधिक टीम बड़े ही उत्साह से नृत्य करते देखे गए रथ को उपस्थित सभी वर्गों के श्रद्धालुओं की भीड़ द्वारा खींचता रहा। तीनों देवों को पहली दफे उपक्षेत्र में भ्रमण कराने से सभी वर्गों के लोगों में अपार उत्साह देखा गया।
रथ की जब पुनः वापसी शिव मंदिर में हुई। पुनः विधिवत पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात रथ के पहिए अपनी मौसी रानी गुड़िचा देवी के यहां जाने हेतु यात्रा निकाली गई,जो सतबहनिया मंदिर तक गई जहां से 15 जुलाई की शेष यात्रा वापसी होगी। रथ यात्रा के प्रमुख आयोजनकर्ता भजन सखी और सखी सहेली की सीमा चंद्रवंशी ने पुनः क्षेत्रवासियों को 15 जुलाई की वापसी यात्रा में भी अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया है।