वन विभाग में मची है जमकर लूटपाट,पंडरिया एसडीओ को जानकारी नहीं,जांच की कह रहे बात

वन विभाग में मची है जमकर लूटपाट,पंडरिया एसडीओ को जानकारी नहीं,जांच की कह रहे बात

कवर्धा से संवाददाता इमरान खान की रिपोर्ट

कवर्धा। वन विभाग में पिछले शासन काल से चली आ रही घपलाबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले शासन काल से पदस्त अधिकारी वन संपदा को लुटने में कोई कोर-कसर तो छोड़ नहीं रहे है,बल्कि निर्माण कार्य के लिए आवंटित रुपयों का बंदर-बाट कर रहे हैं, जिसके चलते वन सवर्धन के लिए संचालित शासन की महत्त्वपूर्ण योजनए भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है,ल।।साथ ही वन विभाग का कार्य मशीनों के उपयोग से किया जा रहा है, जिसके चलते सीमित संसाधन एवं रोजगार वाले वन वासियों को भी रोजगार के संकट से गुजरना पड़ रहा है ।
वन एवं जलवायु परिवर्तन

विकास विभाग की कार्य में व्यापक भ्रष्टाचार

राज्य कैम्पा मद एवं अन्य मद से पंडरिया सब डिविजन वन क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य हुआ है,जिसके लिए लाखों रुपए का आवंटन मिला है, जिसकी कार्य एजेंसी वन विभाग और जिमेदारी मुख्य रूप से एसडीओ की है लेकिन बहार से बुलाकर भ्रष्ट ठेकेदार से कार्य करवाया जा रहा है, जिसके साथ मिल कर वन संपदा का दोहन करते हुए अवैध खनन कर वन भूमि से ही मुरुम गिट्टी पत्थर निकाल कार्य कराया जा रहा है, जिसका विपरीत असर वन जीवों पर पड़ रहा है। स्थानीय व्यक्तियों के द्वारा उक्त निर्माण कार्यो में अनियमित्ता की शिकायत करने पर सीधे मंत्री लेबल तक सेटिंग होने की धमकी देते है जिसके चलते सरकार की छवि ख़राब हो रही है।

लकड़ी तस्करों के साथ है अफसरों की सांठगांठ

पंडरिया क्षेत्र का जंगल कीमती सागोन लकड़ियों से भरा पड़ा है। वही हर वर्ष बड़े स्तर पर सागौन के नए पेड़ भी लगाये जाते हैं,जिसके लिए करोड़ों रुपए खर्च भी किए जाते हैं। फिर भी वन क्षेत्र हर साल कमी आ रही है, जिसका मुख्य कारण अवैध कटाई है। पंडरिया क्षेत्र के तस्कर खुले आम अवैध कटाई कर पिकअप गाड़ी से ढुलाई करते हुए साथ ही आए दिन पंडरिया एसडीओ ऑफिस का चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं। निश्चित रूप से जो विभाग की तस्करों और विभाग के अधिकारियों के गठबंधन को दर्शाता है।

जल्द होगा बड़ा जन आंदोलन

स्थानीय लोगों व क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधियों के द्वारा कई बार पंडरिया एसडीओ व रेंजरो की शिकायत की जा चुकी है लेकिन आज तक न कोई कार्यवाही हुई है,न ही जांच हुई है,जिसके चलते आम जनता में रोष है, जिसकी चर्चा स्थानीय दल और संगठन से की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच और अन्य क्षेत्रीय पार्टिया आचार सहित के बाद बड़े आन्दोलन की घोषणा किए है।

क्या कहते हैं एसडीओ

सुयश दीवान एसडीओ पंडरिया ने कहा कि मुझे इस सम्बंध में जानकारी नहीं है। जांच करा कर ही कुछ बता पाउँगा।