छत्तीसगढ राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा से संवाददता राजेश राठौर की रिपोर्ट 

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरूण तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से सौजन्य भेंट कर नियमित व्याख्याताओं को तत्काल रिक्त हुए म प्राचार्य पद पर पदोन्नत देने की मांग की है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेशाध्यक्ष अरूण तिवारी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा वर्ष 2016 में व्याख्याता से प्राचार्य के पद पर पदोन्नति सूची जारी हुई थी। जारी सूची में वरिष्ठों को दरकिनार करते हुए कनिष्टों को प्राचार्य बना दिया गया था। संचालनालय वह मंत्रालय  में अभ्यावेदन प्रस्तुत करने पर की वरिष्ठ व्याख्याता माननीय उच्च न्यायालय के शरण में चले गये। दिनेश जैन एवं कुछ व्याख्याताओं के पक्ष में निर्णय देते हुए उन्हें पदोन्नत करने का आदेश न्यायालय ने दिया। न्यायालय के आदेश के पश्चात भी प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने पदोन्नति नहीं होने दी। न्यायालय के आदेश के पश्चात भी पदोन्नति नहीं होने पर दिनेश जैन ने क्षुब्ध होकर पुनः न्यायालय के आदेश की अवमानना की याचिका प्रस्तुत किया। अवमानना से बचने के लिए प्रमुख सचिव ने बगैर सुनवाई के दिनेश जैन की वरिष्ठता को समाप्त करने की बात कही एवं उन्हें यह भी कहा  कि मैं सभी न्यायालयीन प्रकरण वाले व्याख्याताओं की वरिष्ठता समाप्त कर दूंगा। प्रमुख सचिव  ने ऐसा करने के लिए दिनांक 25/9/23 को मंत्रालय में सुनवाई हेतु संबंधित व्याख्याताओं को बुलवाया और बिना पक्ष सुने बगैर अभ्यावेदनो की फाइल देखें बगैर सबकी वरिष्ठता समाप्त करने हेतु कनिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया । चले हुए पूर्व फ़ाइल के गुण दोष का बगैर अवलोकन के पुलक भट्टाचार्य अवर सचिव ने दिनांक 12/1/24 को वरिष्ठता समाप्त करने का आदेश प्रसारित किया।ज्ञात हो कि वरिष्ठता समाप्त होने वाले व्याख्याताओं में कुछ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी है। कुछ प्राचार्य थे और सेवा निवृत्त भी हो गये।करीब डेढ़ दर्जन से भी अधिक वरिष्ठता प्राप्त व्याख्याता आज प्राचार्य है ।
 राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी,के साथ प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव डा विनोद वर्मा,दिनेश जैन, विनोद शुक्ला, रेवाराम देशलहरे ने वरिष्ठता संबंधित दिनांक 12/1/24 के आदेश को शून्य घोषित करने का ज्ञापन दिया। साथ ही वरिष्ठों को परिभ्रमण सूची जारी कराकर पदोन्नति करने की मांग की।