राम मंदिर पर रामायणी सांसद मोहन मंडावी के भाषण से सदन हुआ राममय

राम मंदिर पर रामायणी सांसद मोहन मंडावी के भाषण से सदन हुआ राममय

कांकेर। 17वीं लोकसभा के अंतिम बजट सत्र का अंतिम दिन शनिवार को था। अंतिम दिन पर सदन में राम मंदिर का प्रस्ताव लाया गया।  जिस पर रामायणी सांसद मोहन मंडावी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। सांसद मोहन के भाषण से पूरा सदन राममयी हो गया। रामायणी सांसद मोहन मंडावी ने दोहे चौपाइयों के माध्यम से अपनी बात रखी और रामधुन के गीत गाएं। उन्होंने कहा कि "जिसने लिया राम नाम उनका जीना सार हैं,जिसने नहीं लिया राम का नाम उनका जीना ही बेकार है।"  प्रभु श्री राम  22 हजार करोड़ वर्ष पहले से है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व के कारण रामलला का विग्रह नवनिर्मित अयोध्या राममंदिर में हुआ हैं।
आपको बता दें सांसद मोहन मंडावी को देशभर में रामायणी सांसद के नाम से जाना जाता है। उन्होंने ने 51 हजार रामायण वितरित कर गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया है। 


हर गांव में है रामायण मंडली 
सांसद मोहन मंडावी अपनी बातों को रामचरित मानस के चौपाई के माध्यम से कहते हैं। वें सदन में भी हर मुद्दों और विकास कार्यों की मांग रामचरित मानस के चौपाइयों के माध्यम से करते हैं। सांसद मोहन गांवों दौरा कर महिला - पुरुष मानस मंडली का गठन करवाते हैं। छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश और उड़ीसा में लगभग हर गांव में उनकी रामायण मंडली हैं। हर साल इन मंडलियों द्वारा गांवों में रामायण मानसगान सम्मेलन और प्रतियोगिता आयोजित किया जाता है। जिसमें सांसद मोहन मंडावी मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचते हैं।