सरपंच को एसडीएम ने किया बर्खास्त, 6 साल की चुनाव लड़ने अयोग्य घोषित

सरपंच को एसडीएम ने किया बर्खास्त, 6 साल की चुनाव लड़ने अयोग्य घोषित

राजिम/कोपरा। राजिम क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोपरा की कार्यवाहक सरपंच योगेश्वरी साहू को राजिम एसडीएम ने बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के पूर्व ग्राम पंचायत कोपरा में आर्थिक अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायत सही पाए जाने पर राजिम अनुविभागीय अधिकारी ने कार्यवाहक सरपंच योगेश्वरी साहू को पंचायतीराज अधिनियम 1993 की धारा 40(1), (क), (ख) के तहत सरपंच पद से बर्खास्त किया है। इसके साथ ही योगेश्वरी को 6 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया हैं।
सरपंच योगेश्वरी साहू पर 15वें वित्त की राशि में से वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-2024 में कुल 69 लाख 52 हजार रुपए गबन करने के आरोप थे। इस मामले में सचिव किशन साहू पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। जांच के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में 31 लाख 81344 रुपए और वित्तीय वर्ष 2023-24 में 37 लाख 70 हजार 934 रुपए निकालकर निजी स्वार्थ में खर्च कर लिए गए।

सरपंच-सचिव पर दर्ज किया गया था मामला

कोपरा में सचिव के रूप में पदस्थ किसन साहू को वित्तीय अनियमितता, पंचायत के ऑडिट में गड़बड़ी, शासकीय कार्याे में अरूचि, पद का दुरूपयोग, शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना सहित राष्ट्रीय कार्यक्रम जल जीवन मिशन को गंभीरतापूर्वक संचालित नहीं करने एवं दायित्वों के विपरित पंच को पद से हटाने के मामले में पहले ही बर्खास्त कर दिया गया है। उक्त प्रकरण अंतर्गत कोपरा के सरपंच-सचिव द्वारा 15वें वित्त मद से बिना स्वीकृति राशि आहरण करने पर कुल 69 लाख 52 हजार 278 रूपये की वसूली भी किए जाने की आदेश जारी किया जा चुका हैं। इसमें से सरपंच योगेश्वरी साहू से 34 लाख 76 हजार 139 रुपये एवं सचिव किशन लाल साहू से 34 लाख 76 हजार 139 रुपये की वसूली की जायेगी।

5 साल में दूसरी सरपंच हुआ बर्खास्त

कोपरा पंचायत पिछले काफी समय से लगातार विवादों में ही रही है। स्थानीय निवासियों और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के बीच हमेशा ही विवाद की स्थिति बन रही थी। पिछले चुनाव में डाली साहू कोपरा की सरपंच बनी थीं। लेकिन लगभग 3 साल पहले उन्हें हटाने ग्रामीण लामबंद हुए थे और उनको हटाने के लिए चक्का जाम तक कर दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया था। इसके बाद योगेश्वरी साहू को कार्यवाहक सरपंच बनाया गया था। अब उन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया है।