स्विमिंग पुल का शुल्क कम करें, अन्यथा होगा आंदोलन : प्रशांत

स्विमिंग पुल का शुल्क कम करें, अन्यथा होगा आंदोलन : प्रशांत

जांजगीर-चांपा से संवाददाता राजेश राठौर की रिपोर्ट 

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-नैला नगर पालिका की कांग्रेस सरकार अपनी विदाई की बेला में है। अपने बचे खुचे 5 महीने में वो जितना ज्यादा से ज्यादा समेटने की जुगाड़ में दिखाई पड़ रही है। 
तिजोरी भरने की कोशिश अब स्विमिंग पुल तक आ पहुंची है, जहां बच्चों से शुल्क के नाम पर अनाप-शनाप वसूली की जा रही है। ठेकेदार द्वारा नगर सरकार के संरक्षण में जितनी राशि वसूली जा रही है, उसे देखकर लगता है मानो यह स्विमिंग पूल किसी फाइव स्टार होटल का हिस्सा हो। 
भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर ने  स्विमिंग पूल में लिए जा रहे शुल्क को न सिर्फ ज्यादा बताया बल्कि इसे नगर सरकार की जेब कतराई की संज्ञा भी दी है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की अकर्मण्यता के चलते उक्त स्विमिंग पुल 10 साल में जैसे-तैसे तैयार हो सका। कुछ दिन चलने के बाद अचानक उसे बंद कर दिया गया। अब फिर से इसे चालू तो किया गया , पर ठेकेदार के हवाले कर दिया गया, जो शुल्क के नाम पर बच्चों से बड़ी राशि वसूल रहा है। 
भाजपा नेता का आरोप है कि नगर सरकार को इस स्विमिंग पूल से ओलम्पिक के लिए खिलाड़ी तो दूर सामान्य तैराक तैयार कर पाना मुश्किल होगा, क्योंकि 45 मिनट के लिए  200  रुपया राशि देने शायद हो कोई तैयार हो।

भाजपा नेता ने कहा कि मनमाने शुल्क संबंधी निर्णय को नगर पालिका वापस ले, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।