गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर बांटी गई कच्ची लस्सी

गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर बांटी गई कच्ची लस्सी

नगरी से संवाददाता राजू पटेल की रिपोर्ट

नगरी। सिक्खों के पांचवे गुरु शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव महाराज के शहीद दिवस पर कच्ची लस्सी की सेवा की गई। ज्ञात हो कि गुरु अर्जन देव महाराज ने इसी दिन शहादत दी थी। इतिहास के मुताबिक उसे समय जहांगीर का पुत्र खुसरो बगावत करके आगरा से पंजाब की ओर आ गया।

जहांगीर को सूचना मिली थी कि गुरु अर्जन देव ने खुसरो की मदद की है इसलिए उन्होंने गुरु को गिरफ्तार करने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद गुरुजी को लाहौर में 30 में 1606 ई को वासा व सियासत के तहत लोहे के गर्म तवे पर बिठाकर शहीद कर दिया गया था।
यासा के अनुसार किसी व्यक्ति का रक्त धरती पर गिराए बिना उसे यातनाएं देकर शहीद किया जाता है। गुरुजी के शीश पर गर्म रेत डाली गई जब गुरुजी का शरीर अग्नि के कारण पूरी तरह जल गया। तब उन्हें ठंडे पानी वाली रावी दरिया में उतार दिया गया, जहां गुरुजी का पावन शरीर रावी में ही आरोप हो गया। गुरुजी ने लाखों को विनम्र रहने का संदेश दिया। वह विनम्रता के पुंज थे। कभी भी उन्होंने किसी को दूरवचन नहीं कहे।

इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा नगरी के सभी सेवकों द्वारा बजरंग चौक में कच्ची लस्सी की सेवा की गई। ज्ञानी हैप्पी सिंह, जनपद पंचायत के सभापति मन्नू लाल यादव का विशेष सहयोग रहा।