Kondagaon : शिक्षक विहीन शाला का पंच गणेश मानिकपुरी ने किया निरीक्षण,75 साल पुरानी स्कूल अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही

Kondagaon :  शिक्षक विहीन शाला का पंच गणेश मानिकपुरी ने किया निरीक्षण,75 साल पुरानी स्कूल  अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही

कोंडागांव से संवाददाता मुकेश राठौर की रिपोर्ट 

उच्च अधिकारियों पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप

कोंडागांव। ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा के पंच गणेश मानिकपुरी ने 1948 से संचालित ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा प्राथमिक शाला राजापारा का विजिट किया और विजिट के पश्चात शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों पर  संवेदनहीनता व लापरवाही का आरोप लगाया। पंच गणेश मानिकपुरी ने कहा है कि ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा प्राथमिक शाला राजापारा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के पालकों द्वारा प्राथमिक शाला राजापारा में एक भी शिक्षक नहीं होने के  शिकायत मिलने पर प्राथमिक शाला बड़ेकनेरा राजापारा का विजिट किया तथा विजिट के दौरान पता चला कि बड़ेकनेरा का सबसे पहला स्कूल 1948 से संचालित स्कूल आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। लगभग 75 साल पुराना स्कूल आज की स्थिति में शिक्षक विहीन हो चुका है। 

क्या कहते हैं गणेश मानिकपुरी

गणेश मानिकपुरी ने बताया कि जिस स्कूल की स्थापना लगभग आजादी के साथ-साथ हुई। कई लोग इसी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर बड़े-बड़े पदों पर पहुंच गए। इसी स्कूल से पढ़ कर न जाने कितने लोगों का भाग्य रोशन हुआ,परन्तु आज वही स्कूल का भविष्य तथा स्कूल में अध्ययनरत छात्र छात्राओं का भविष्य आज अंधकार में है।

गणेश मानिकपुरी ने बताया कि पहली में 8 , दूसरी 15 , तीसरी में 6, चौथी में 10, पांचवी में 5 कुल 44 बालक-बालिका अध्ययनरत है, परन्तु आज की स्थिति में एक भी शिक्षक शाला में नहीं है ।प्राथमिक शाला राजापारा के हेड मास्टर 3,11,2023 को रिटायरमेंट होने के पश्चात एक शिक्षिका सहायक के रूप में नियुक्त थी ,परन्तु प्रमोशन के चलते उन्हें भी 15,01,24 को भारमुक्त किया गया,जिसके चलते लगभग 15 दिनों से 75 साल पुराना स्कूल शिक्षक विहीन हो चुका है। गणेश मानिकपुरी ने कहा कि उच्च अधिकारियों तक समिति के द्वारा लिखित में शिकायत देने के बाद भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं करना उच्च अधिकारियों की  लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाता है ।