अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा - "जो भागवत कथा सुनता है, उसका लोक-परलोक दोनों संवर जाता है"

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा - "जो भागवत कथा सुनता है, उसका लोक-परलोक दोनों संवर जाता है"

रायपुर से रविशंकर शर्मा की रिपोर्ट 

रायपुर। कथा सुनने के लिए देवता भी आ रहे हैं, यह भगवान की कितनी बड़ी कृपा है कि यहां बारिश हो रही है। कथा में भगवान का जलविष्ट हो जाना इस बात के संकेत है कि कथा आप बड़े प्रेम से सुन रहे हैं और यह सफलता है। सतयुग, त्रेता और द्वापर में देवता पुष्प बरसाया करते थे और कलयुग में शुभ कार्य हो तो देवता जल बरसाते हैं। आप गीले हैं लेकिन फिर भी कथा सुन रहै हैं। कथा सुनने के लिए वरुण देवता भी वर्षा कराकर यहां आए क्योंकि कथा सुनने के लिए अनेकों रुप लेकर देवी-देवता भी आते हैं,। उक्त बातें  विश्व विख्यात कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज  ने गुढिय़ारी के अवधपुरी मैदान में हो रहे श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कही। इस अवसर पर  हैदराबाद के विधायक टी. राजा विशेष रुप से उपस्थित थे।

अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि जो भागवत सुनता है उसका लोक-परलोक दोनों संवर जाता है और कथा से कुछ न कुछ सीखने को जरुर मिलता है। कथा हमारे जीवन को बदल देती है, इसलिए आप अपने जीवन में बदला हुआ महसूस कर रहे,यह कथा का प्रभाव है। कुछ मत करो लेकिन कथा सुनोगे तो बदलाव होना जरुरी है। कब आपकी जिंदगी बदल गई, कब आपके जीवन में नकारात्मक समाप्त हो सकारात्मक में बदल जाएगा तुम्हें पता ही नहीं चलेगा। कथा हमें एक गुड एनर्जी से भरती है और बैड एनर्जी से बचाती है। संसार के हर बंधन से मुक्त करने वाली होती है यह कथाएं। भागवत हमें इसलिए सुननी चाहिए क्योंकि बिना भागवत सुने हमारा लोक-परलोक संवरता नहीं है। 


महाराजश्री ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ, उस समय वासुदेव जी बंधे हुए थे और जैसे ही भगवान को लेकर चलें, आप मेरे से कितने लोग बंधे हुए जिम्मेदारी को लेकर जबकि सच्चाई यह नहीं है सच्चाई कुछ और है। हम बंधे नहीं है लेकिन हमने अपने आपको बंधा हुआ मान रहे हैं।  संसार से पहले अपने आप को मुक्त करो, जैसे अभिमान, काम, क्रोध, लोभ, नींदा, चुगली से, फिर राम का एक नाम जपोगे तो तुम खुद मुक्त हो जाओगे। लेकिन बंधे होने से मुक्त होने के लिए संतों की शरण में जाने की आवश्यकता है जिससे तुम हर बंधन से मुक्त हो सकते हो। बंधना है तो जगत में रहो और मुक्त होना है तो जगन्नाथजी के शरण में चले जाओ। भगवान को लेकर जो चलता है वह बंधन से मुक्त हो जाता है। वासुदेव जी भी बंधे थे लेकिन प्रभू लेकर चले तो वह मुक्त हो गए। जो जगत को लेकर चलेगा वह बंधेगा नहीं और जगन्नाथ मतलब कृष्ण को लेकर चलेगा वह मुक्त हो जाएगा। 

भगवान कृष्ण को लगाया गया छप्पन भोग

आयोजक कान्हा -राधिका बाजारी व  स्व. सत्यनारायण बाजारी (मन्नू भाई) की धर्मपत्नी ने अपने हाथों से बनाए हुए 56 भोग को भगवान श्रीकृष्ण को खिलाया। कथा समाप्ति के बाद कथा सुनने आए श्रद्धालुजनों को प्रसादी के रुप में भगवान को लगे 56 भोग का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश पप्पू मिश्रा, ओमप्रकाश बाजारी, विकास सेठिया, दीपक अग्रवाल, ओमकार बैस, नितिन कुमार झा, वीरेन्द्र पारख, अभिषेक अग्रवाल, सौरभ मिश्रा, रीतेश राठौर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

हिन्दू धर्म छोड़ने वालों को कोई सरकारी लाभ न दिया जाए - टी. राजा

हैदराबाद के विधायक टी. राजा ने गुढिय़ारी के अवधपुरी मैदान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ जैस राज्य में धर्मांतरण के नाम पर गरीब परिवारों व आदिवासियों को पैसा देकर कनवर्सन किया जा रहा है। हमारे देवी-देवताओं का अपमान कर कनवर्सन किया जा रहा है। हमारे धर्म, समाज की रक्षा के लिए हम सबको एकजुट होने की आवश्यकता है। आज विदेशों से  लोग आते है, पैसे का लालच देकर धर्मांतरण करवा रहे है। 
हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहूंगा कि जितने भी हिन्दू सनातनी है हमारे छत्तीसगढ़ व राजधानी रायपुर में आप सबको एकत्रित होकर धर्मांतरण के खिलाफ में एक युद्ध लडऩे की आवश्यकता है। दो साल पहले हमारे रायपुर के बजरंगियों ने बेहतरीन काम किया था , पुलिस स्टेशन में जाकर जो धर्मांतरण करने आए थे उनको उनकी भाषा में जवाब दिया। आज छत्तीसगढ़ की जनता ने भगवे को चुना, तो आज के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से यह निवेदन करता हूं कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य की रक्षा व हिन्दू समाज की रक्षा के लिए जिस तरह से अलग-अलग विंग होते है उसी प्रकार एक कनवर्सन के खिलाफ एक विंग होनी चाहिए ताकि यह कन्वर्सन को रोका जा सकें। राज्य की रक्षा के लिए हम सरकार से निवेदन करते है कि जो कोई भी धर्मांतरण करेगा उसको सजा दी जाए, इसके लिए तत्काल कानून पारित करे विधानसभा में और जो कोई भी हिन्दू धर्म छोड़ता है तो सरकारी य कोई भी लाभ उसे न मिलें। जो भी व्यक्ति, जो भी परिवार अगर हिन्दू धर्म छोड़कर अन्य धर्म अपनाता है तो उसको वोट डालने का अधिकार न दें। तब इनको पता चलेगा कि हिन्दू धर्म छोडऩे के बाद कितना बड़ा नुकसान  हुआ है। जैसे हम लोग कहते थे रामलाला तो एक झांकी है काशी और मथुरा बाकी है। हमने कोर्ट के आदेश पर भव्य राम मंदिर बनवाया और कोर्ट के आदेश पर कृष्ण का मंदिर भी बनवाएंगे और कोर्ट के आदेश पर ही काशी में भव्य मंदिर बनवाएंगे।