डॉ.गीता शर्मा की कृति ‘‘धन्य धरा पुकारती‘‘ काव्य संग्रह और गीत का लोकार्पण

डॉ.गीता शर्मा की कृति ‘‘धन्य धरा पुकारती‘‘ काव्य संग्रह और गीत का लोकार्पण

कांकेर। नगर की सर्जना महिला साहित्य समिति कांकेर के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्तज्योतिष मनीषी, वरिष्ठ साहित्यकार, संपादक सूर्य पंचांग डॉ. गीता शर्मा की कृति ‘‘धन्य धरा पुकारती‘‘ काव्य संग्रह एवं गीत का लोकार्पण ‘‘ 16 मई, जानकी नवमी ‘‘ के सुअवसर पर डॉ. हर्षवर्धन तिवारी, पूर्व कुलपति, बरकतुल्ला वि.वि. भोपाल, (म.प्र.) एवं मुख्य ट्रस्टी श्रीराम सत्यलोक हित ट्रस्ट छ.ग. के मुख्य आतिथ्य में होटल आनंदम सिटी मॉल कांकेर के सभागार में सम्पन्न हुआ।

सरस्वती वंदना से शुरुआत
सर्वप्रथम विद्या की अधिष्ठात्री देवी मॉ शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवल्लन करते हुए वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेशचन्द्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार एवं अध्यक्ष, प्रगतिशील लेखक संघ कांकेर, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री अजय मंडावी कांकेर, डॉ. सरला आत्राम, प्राचार्य भानु.शा.स्ना.महा. कांकेर, डॉ रीता तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार, रायपुर, शांति तिवारी, पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार जगदलपुर,शिवसिंह भदौरिया, वरिष्ठ साहित्यकार, अध्यक्ष संगत साहित्य परिषद कांकेर एवं रिजेन्द्र गंजीर, संभागीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय कवि संगम कांकेर की गरियामयी उपस्थिति में लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ।

बिल्वाष्टक स्त्रोत अनुसार‘‘ दर्शनं बिल्ववृक्षस्य स्पर्शनं पापनाशनम्, अघोरपापसंहारं एक बिल्वं शिवार्पणम को चरितार्थ करते हुए कार्यक्रम के अतिथियों का स्वागत और सम्मान पर्यावरण के प्रति प्रेम और संरक्षण के उद्वेश्य को फलीभूत करने बेल के पौधों को भेंट करके किया गया।

समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत 
मंचस्थ अतिथियों द्वारा ‘‘धन्य धरा पुकारती‘‘ काव्य संग्रह एवं गीत का भव्य लोकार्पण किया गया। मॉ सिंहवाहिनी को समर्पित गीत में मुख्य स्वर  अवधेश लारिया एवं श्रीमती रीना लारिया के हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्वेश्य सर्जना महिला साहित्य समिति कांकेर के विगत 34 वर्षाे से हो रहे संपूर्ण कार्यक्रम एवं कार्य योजनाओं की विस्तृत प्रतिवेदन कार्यक्रम की संयोजक डॉ. गीता शर्मा ने सभागार में रखते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल काव्य संग्रह का लोकार्पण ही नहीं वरन राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में छूपी प्रतिभाओं को सम्मानित कर एक मंच पर आमंत्रित करना है, जिससे नवीन संकल्पनाओं की अवधारणा रखी जा सके। कार्यक्रम में चिकित्सा, साहित्य, ज्योतिष, कला, समाज सेवा, शिक्षा एवं धार्मिक जनजागृति में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लगभग 28 विभूतियों को मंच से सम्मानित किया गया। 

*समाज को दशा दिशा देने वाली  : भदौरिया*

डॉ गीता शर्मा की 10 वीं कृति ‘‘धन्य धरा पुकारती‘‘ काव्य संग्रह पर समीक्षात्मक टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार शिवसिंह भदौरिया ने कहा कि डॉ. गीता शर्मा की लेखनी भाव प्रधान, बोधत्व, पर्यावरण चिंतन, धार्मिक विचार धारा से युक्त एवं मानवीय संवेदनाओं को उकेरते हुए समाज को दशा एवं दिशा देने में सहायक होगी। उक्त काव्य संग्रह के सृजन हेतु उन्होंने अपनी ओर से शुभकामनाएँ संप्रेषित किया।*

सशक्त लेखन की कामना

डॉ. सरला आत्राम विशिष्ट अतिथि डॉ. सरला आत्राम ने काव्य संग्रह के लोकार्पण पर उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके लेखनी को और अधिक सशक्त होने की कामना की। पद्मश्री अजय मंडावी ने काव्य संग्रह के लोकार्पण एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए डॉ. गीता शर्मा को बधाई देते हुए इस प्रकार के अनुकरणीय कार्यक्रमों को भविष्य में और आयोजित करने का आग्रह किया।

कालजयी रचनाओं की प्रासंगिकता : सुरेशचंद्र श्रीवास्तव

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कालजयी रचनाओं की प्रासांगिकता को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जीवंत करने हेतु डॉ. गीता शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम की महत्ता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि डॉ. हर्षवर्धन तिवारी ने ‘‘अहम् ब्रम्हास्मि‘‘ के गूढ़ रहस्य को सौर मंडल एवं जीव विज्ञान की भाषा में परिभाषित कर लेखनी के चमत्कार एवं महत्व को परिभाषित कर साहित्य साधना में रत होने की शुभकामनाऍ दी।

28 विशिष्ट विभुतियों का सम्मान

सर्जना महिला साहित्य समिति, कांकेर द्वारा विभिन्न कार्य क्षेत्रों के 28  विशिष्ट विभूतियों को उनके उल्लेखनीय कार्य हेतु  ‘‘सर्जनाश्री‘‘ सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. मनीष जैन (चिकित्सा ), डॉ. अलका यादव, बिलासपुर (साहित्य), राजेश शुक्ला(साहित्य) , अभिषेक मानिकपुरी(साहित्य ) गीता अशोक शर्मा, (ज्योतिष), संतोष श्रीवास्तव (साहित्य), वंदना गोपाल शैली, बलौदाबाजार (साहित्य), अवधेश लारिया, (कला व गायन) मनोज जायसवाल, (साहित्य ) रश्मि अग्निहोत्री, केशकाल (साहित्य ) डॉ. कमलकांत हत्गियॉ, (साहित्य ) मिथलेशकर शर्मा, (साहित्य) रीना लारिया, (समाज सेवा )अशोक यादव, (साहित्य ),अखिलेश अरकरा, (साहित्य ) अजय पप्पू मोटवानी, (समाज सेवा) हेमेन्द्र साहसी, (शिक्षा) मंजू शर्मा (रामायणी) सम्मानित हुए।

इनका रहा योगदान

उक्त कार्यक्रम को सफल और ऐतिहासिक  बनाने में सर्जना महिला साहित्य समिति के सभी सदस्यों ने पूरी कर्मठता, लगन और निष्ठापूर्वक कार्य किया। सहयोगी संस्थाएँ- संगत साहित्य परिषद, प्रगतिशील लेखक संघ, राष्ट्रीय कवि संगम,हिन्दी साहित्य परिषद एवं मंजरी साहित्य समिति के सदस्यों की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, साहित्य व कला प्रेमी और पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रिजेन्द्र गंजीर और रीना लारिया ने किया तथा आभार प्रदर्शन गरिमा मिश्रा द्वारा किया गया।