"जन सहयोग "ने तबाह हो चुके पार्क को सुधारने संवारने का बीड़ा उठाया

"जन सहयोग "ने तबाह हो चुके पार्क को सुधारने संवारने का बीड़ा उठाया

कांकेर। शहर की समाजसेवी संस्था "जन सहयोग" साथ ही अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन ने आज रविवार को अपने स्वच्छता अभियान पर जाते समय देखा कि कलेक्टर बंगला के सामने ही एक बच्चों का पार्क है, जो पूर्णत: तहस-नहस हो चुका है। उसकी तबाही का आलम यह है कि पार्क के अंदर झाड़ियों का जंगल जैसा बन चुका है और झूले आदि टूट चुके हैं। बाउंड्री की लोहे की रेलिंग भी असामाजिक तत्वों ने कई जगह तोड़ दी है । पहले तो बाल उद्यान का बोर्ड तक दिखाई नहीं दे रहा था, वह भी तब दिखा जब "जन सहयोग " के साथियों ने अपने अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के निर्देशन में पार्क की सफ़ाई शुरू कर दी। अंदर की हालत देखने पर पता चला कि यह बच्चों का पार्क अब खंडहर होकर शराबियों का अड्डा बन गया है । सन् 2020 में इस 'निको बाल उद्यान ' नामक पार्क को एक प्राइवेट कंपनी ने बच्चों के खेलने के उद्देश्य से बना तो दिया लेकिन फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। रखरखाव के अभाव में पार्क झाड़ियों के जंगल में परिवर्तित हो गया और बदमाशों का अड्डा बन गया। आज उसकी यह हालत देखकर अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने घोषणा कर दी है कि इस पार्क का हम जीर्णोद्धार  करेंगे ,चाहे इसकी साफ़ सफ़ाई में कितने ही दिन लग जाएं ,हम लोग यहां परिश्रम करके इसे सुंदर बनाएंगे और यह एक बार फिर बच्चों के खेलने के लिए उपयोगी हो जाएगा। आज कई घंटे तक इस  बाल उद्यान की साफ़ सफ़ाई चलती रही, जिसमें भारी मात्रा में कचरा, दारू की बोतलें, गिलास आदि निकाल कर नष्ट किए गए। उल्लेखनीय है कि काँकेर में बच्चों के खेलने योग्य पार्क एक दो ही हैं, जो पर्याप्त नहीं है । जयस्तंभ चौक के गांधी उद्यान सहित कई छोटे-बड़े पार्क  असामाजिक तत्वों द्वारा नष्ट किये जा चुके हैं। आज के इस स्वच्छता अभियान में अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक सेवा परिषद जिला कांकेर के संगठन सचिव टी के जैन, सलाहकार अरविंद यादव, संयोग साहू एवं अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी बच्चों के इस पार्क के उद्धार का संकल्प व्यक्त किया। "जन सहयोग" संस्था के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा बल्लूराम  यादव, प्रवीण गुप्ता धर्मेंद्र देव , राजेश चौहान, दिनेश मोटवानी, करण नेताम, भूपेंद्र यादव, धीरज ठाकुर, संत कुमार रजक, संजय सिंह ठाकुर तथा गजेंद्र सिंह गोविल आदि प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। बच्चों के इस तबाहशुदा पार्क को साफ़ सुथरा होते देखकर काँकेर की जनता में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई है और आशा की जाती है कि अतिशीघ्र "जन सहयोग" के प्रयास से पार्क का जीर्णोद्धार हो सकेगा और एक बार फिर यहां खेलते हुए बच्चों की किलकारियां   गुंजायमान होंगी।