रात में चल रहा था महानदी में अवैध रेत उत्खनन,दो हाइवा और एक चैन माउंटेन जब्त

रात में चल रहा था महानदी में अवैध रेत उत्खनन,दो हाइवा और एक चैन माउंटेन जब्त

गुरुर से संवाददाता दीपक देवदासी की रिपोर्ट 

गुरुर तहसीलदार सहित पुरूर पुलिस प्रशासन की टीम ने मारा छापा

गुरुर । गुरुर ब्लॉक के महानदी से लगे हुए अंतिम क्षेत्र के गांव पोंड में एक बार फिर से रेत का अवैध खनन शुरू हो गया है। जहां पर बाहर के ठेकेदार जाकर मनमाने तरीके से अवैध रेत निकासी कर रहे हैं। इस बात की जानकारी मिलने पर तहसीलदार गुरुर हनुमान प्रसाद श्याम सहित उनकी टीम और पुरूर थाना पुलिस की टीम में संयुक्त रूप से रात में छापा मार कार्रवाई की। रात करीब 10:00 बजे लगभग 50 लोगों की टीम इलाके की घेराबंदी करने पहुंची। जहां पर बड़ी मात्रा में चैन माउंटेन के जरिए रेत निकासी का काम चल रहा था। इस दौरान कुछ ठेकेदार तो बाकायदा खुद का ऊपर तक पहुंच का हवाला देने लगे । भिलाई का एक ठेकेदार तो कहने लगे कि हम ऊपर वालों से बात करके यहां आए हैं और उन्हें कार्यवाही का खौफ नहीं है। तहसीलदार ने नियम कायदों के तहत अवैध उत्खनन कर रहे लोगों पर गंभीरता पूर्वक कार्रवाई की और मौके से दो हाइवा और एक चैन माउंटेन की जब्ती बनाई गई। इस पूरी कार्यवाही में पुरूर थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित उनकी टीम की भी सक्रिय भूमिका रही।  राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार और उनके साथी भी रात भर कार्रवाई में डटे रहे।

ठेकेदार लोकेश पिता मालिक राम भिलाई निवासी के चैन माउंटेन, राधेश्याम पिता गैंदुराम ग्राम बोरीद निवासी तहसील बालोद जिला बालोद,प्रेमलाल पिता देव प्रसाद ग्राम करहीभदर तहसील जिला बालोद गाड़ी नंबर गाड़ी नंबर CG 24 T8864 एवं CG07 BS 9986 जब्ती कर पूरूर थाना प्रभारी के सुपुर्द किया गया। इस बड़ी कार्यवाही से राजस्व विभाग के प्रमुख तहसीलदार हनुमान प्रसाद श्याम की चारों ओर चर्चा हो रही है। जिन्होंने बेखौफ होकर मामले में कार्रवाई को अंजाम दिया।

रेत माफियाओं ने महानदी का सीना किया है कई बार छलनी

गुरुर ब्लॉक का कुछ क्षेत्र महानदी के अपवाह  क्षेत्र में आता है। गुरुर के कुछ सीमा क्षेत्र के गांव जो धमतरी जिले से लगे हुए हैं वह गंगरेल डैम के आसपास आते हैं और यहां से महानदी भी लगे हुए हैं। सुदूर महानदी क्षेत्र के गांव में अवैध तरीके से रेत का उत्खनन चलता रहता है। इस मामले में रेत माफिया हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। कुछ महीने पहले  माफियाओं की हरकतों के चलते  ग्रामीणों ने वहां रेत खनन बंद करवा दिया था।  पोंड गांव के समीप महानदी में खतरनाक तरीके से हुए  खनन से महानदी का सीना छलनी नजर आ रहा है। नियम कायदों को ताक में रखकर जेसीबी  चैन माउंटेन  हाईवा के जरिए खनन करके लाखों रुपए की कमाई करने वाले माफियाओं ने गांव के विकास को उपेक्षित कर रखा है और जिसके चलते कुछ महीने पहले ग्रामीणों ने एक जुटता दिखाते हुए उक्त नदी क्षेत्र में रेत खनन को बंद करवा दिया था। लेकिन सवाल यही उठता है कि आखिर फिर से  वहां  खनन कैसे चल रहा था ।  मामले में अहम भूमिका पंचायत प्रशासन और ग्राम विकास समिति की मानी जा रही है। जनचर्चा है की उनके संरक्षण में अवैध तरीके से रेत उत्खनन किया जाता है।  खनिज विभाग का ही निर्देश होता है कि अगर किसी को खनिज विभाग से लीज पर कोई खदान मिलती भी है तो उसमें पंचायत और ग्राम विकास समिति की सहमति जरूरी होती है। इतने बड़े पैमाने पर अगर महानदी में खनन हुआ है  इसमें कहीं ना कहीं पंचायत प्रशासन ग्राम विकास समिति की सहमति भी अनिवार्य शामिल है। पहले भी खनिज विभाग से कोई  अनुमति नहीं मिलने की बात भी सामने आई थी। पोंड ग्राम गंगरेल डैम का डुबान क्षेत्र में है। अगर इसी तरह से महानदी के आसपास में गहराई में रेत खनन किया गया तो उनका गांव डूब सकता है। बारिश में खास तौर से काफी दिक्कत यहां के लोगों को झेलनी पड़ती है। यहां के खेत खलिहान पूरी तरह डूब जाते हैं। गांव मानो टापू जैसा बन जाता है। 


रात में होता था अवैध खनन

गलत तरीके से हो रहे रेत खनन का यह खेल रोज सूरज ढलते ही शुरू हो जाता था और सूरज उगने से पहले खत्म होता था। ग्रामीणों के मुताबिक रात में यहां जेसीबी चैन माउंटेन और बड़ी-बड़ी हाईवा से रेत निकालने का काम होता था  और सुबह तक रेत का परिवहन होता था। बिना किसी रॉयल्टी बिना किसी खनिज विभाग की अनुमति से अंधाधुंध रातों-रात लाखों का रेत यहां से पार हो रहा था।