सिद्धाश्रम साधक परिवार की शिवरीनारायण में भव्य शोभा यात्रा 19 को

सिद्धाश्रम साधक परिवार की शिवरीनारायण में भव्य शोभा यात्रा 19 को

बारद्वार से संवाददाता गणपतलाल चौहान की रिपोर्ट

अवतरण दिवस पर मेला ग्राउंड में आशीर्वाद देंगे गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली

शिवरीनारायण। अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार छत्तीसगढ़ द्वारा शिवरीनारायण के ऐतिहासिक मेला ग्राउंड परिसर में सद्गुरुदेव के अवतरण दिवस पर जोधपुर से पहुंचे सद्गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली की उपस्थिति में 19 अप्रैल से तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में छत्तीसगढ़ , उड़िसा , मध्यप्रदेश , झारखंड, बिहार तथा देश के विभिन्न प्रदेशों से  शिवरीनारायण में पुराने व नये जुड़ने वाले साधक- साधिकाओं का समागम होगा। कार्यक्रम स्थल में निर्मित भव्य पंडाल में दस हजार से अधिक भक्तजनों के बैठने एवं ठहरने व भोजन की व्यवस्था की गई है। तीन दिवसीय शिविर के पहले दिन 19 अप्रैल की संध्या स्थानीय राम मंदिर से सद्गुरु देव नंदकिशोर श्रीमाली की उपस्थिति में भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ होगा । बीस व 21 अप्रैल को गुरूदेव श्रीमाली द्वारा गुरू दीक्षा, प्रवचन के अतिरिक्त विभिन्न स्तर की दीक्षाएं साधना स्थल पर नए व पुराने साधक साधिकाओं को प्रत्यक्ष रूप से देंगे।

भव्य रथ पर सवार होकर निकलेंगे गुरुजी

जोधपुर से पहुंचे सद्गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली को आयोजकों द्वारा बनाये गए एक भव्य रथ में विराजमान कराने के पूर्व शिवरी नारायण के रपटा रोड़ पर स्थित राम मंदिर में सर्वप्रथम श्रीमाली के द्वारा 19 अप्रैल की संध्या 6 बजे पुजा पाठ कर रथ पर सवारी करेंगे। उक्त अवसर पर शोभायात्रा की अगवानी करने सैकड़ों साधिकाओं द्वारा कलश उठाकर चलेंगी उक्त अवसर पर करमा नृत्य , बैण्ड बाजा के साथ जबरदस्त आतिशबाजी कर पटाखों की अनुगुंज के साथ गुरूदेव के जयकारा के साथ शोभायात्रा राम मंदिर से मुख्य सड़क होते हुए अंबेडकर चौक होते हुए मेला ग्राउंड पहुंचेगी जहां गुरूदेव नंदकिशोर श्रीमाली की साक्षात गुरू आरती वंदन कर पूजा अर्चना की जायेगी उक्त अवसर पर आयोजकों द्वारा शोभायात्रा में अधिक से अधिक साधक साधिकाओं को गुरू चादर के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

दो दिवसीय शक्तिपात दीक्षा 20 से

निखिल जयंती अमृत महोत्सव के शिविर में सद्गुरुदेव निखिलेश्वरानंद के दिव्य छत्र छाया में राजस्थान से पधारे गुरूदेव नंदकिशोर श्रीमाली द्वारा 20 व 21 अप्रैल को सैकड़ों साधक साधिकाओं को शक्तिपात के माध्यम से गुरू हृदयस्थ धारण दीक्षा करायेंगे,गुरू दीक्षा, अन्य साधनाओं के साथ ही प्रवचन और संगीतमय भजन भी होगा सुबह और संध्या गुरू आरती समूह में होगी,प्रशाद का वितरण भी किया जायेगा।