मानवीय सेवा का उदाहरण बने डॉ खूंटे,अचेत पड़े बुजुर्ग ड्राइवर को ट्रक में चढ़ाया बॉटल

मानवीय सेवा का उदाहरण बने डॉ खूंटे,अचेत पड़े बुजुर्ग ड्राइवर को ट्रक में चढ़ाया बॉटल

बाराद्वार से संवाददाता गनपत चौहान की रिपोर्ट

बाराद्वार। बदले परिवेश में मानवीय सेवा और डॉक्टर्स जैसे शब्दों के पर्याय चाहे जितने बदल गए हों,लेकिन मौजूदा वक्त में भी अनेकों सेवाभावी चिकित्सक हैं, जिनके लिए प्रोफेशन से ज्यादा महत्वपूर्ण मरीजों की जिंदगी होती है। मंगलवार की रात बाराद्वार के जैजैपुर चौक में कुछ ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला।रात करीब 9 बजे थे। इसी समय हांफता हुआ एक व्यक्ति नेशनल हाइवे में स्टेट बैंक के करीब संचालित मां लक्ष्मी क्लीनिक पहुंचता है। उसने खुद को ड्राइवर बताते हुए ट्रक में  अचेत पड़े अपने साथी को बचा लेने के लिए डॉक्टर से निवेदन किया। उसने बताया कि मरीज को क्लीनिक तक ला पाना संभव नही है, ट्रक पर ही उसका इलाज संभव होगा। इस समय डॉक्टर को एक निजी काम से बाहर जाना था,उसने कार्यक्रम केंसिल कर डॉक्टर धीरेंद्र खूंटे ने चिकित्सक होने के साथ ही एक अच्छे इंसान का परिचय देते हुए
मामले की गंभीरता को समझा और अचेत अवस्था में पड़े बुजुर्ग ड्राइवर की तेजी से बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल ट्रक पर ही मरीज का इलाज शुरू किया। डॉक्टर ने गाड़ी पर ही व्यवस्था बनाकर बॉटल चढ़ाया। डॉक्टर के इस सेवा भाव की लोगों में प्रसंशा हो रही है।

चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक हैं डॉ खूंटे

कुशल चिकित्सक होने के साथ ही राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे डॉ धीरेंद्र खूंटे नवीन जिला सकती में भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक हैं। उनकी धर्मपत्नी गृहणी के साथ ही चिकित्सक हैं ,  पर्यावरण के क्षेत्र में उनकी खास रुचि है।