उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जन चौपाल लगाकर बैगा आदिवासियों की सुनी समस्याएं

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जन चौपाल लगाकर बैगा आदिवासियों की सुनी समस्याएं

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम महामाई में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। वहां भूगर्भ से प्रगटित हनुमान जी एवं महामाई दाई की मूर्ति की नवनिर्मित मंदिर में आज प्राण प्रतिष्ठा की गई। श्री साव ने हनुमान जी एवं महामाई दाई की मूर्ति की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। हनुमान जी एवं महामाई दाई की मूर्ति यहां 300 वर्ष पहले स्वयमेव भूगर्भ से प्रगट हुई थी जिसके नाम पर गांव का नाम महामाई पड़ा है।
 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने महामाई में जन चौपाल लगाकर वनांचल में रहने वाले बैगा आदिवासियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने गांव में राशन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, विद्युत, आवास, शौचालय सहित शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामवासियों की मांग पर सामुदायिक भवन के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। 

डिप्टी सीएम साव ने बैगा आदिवासी महिलाओं को महतारी वंदन योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत शासन द्वारा 20 फरवरी तक आवेदन फॉर्म लिए जा रहे हैं। विवाहित महिला जो छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी हो, इसके लिए पात्र होंगी।उन्होंने कहा कि योजना के तहत हर पात्र विवाहित महिला के खाते में सरकार द्वारा हर महीने एक हजार रुपए अंतरित की जाएगी। इससे महिला सशक्तीकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिलेगा। परिवार में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री साव के समक्ष महामाई में ग्रामीणों ने स्वप्रेरित होकर नशापन नहीं करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि न शराब बनाएंगे और न ही शराब का सेवन करेंगे। इसके प्रति समाज को जागरूक भी करेंगे।

उप मुख्यमंत्री साव ने सामाजिक संस्था प्रयास... अ स्माल स्टेप (Prayas... a small step) द्वारा बैगा आदिवासियों की शिक्षा और चिकित्सा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बड़े महराज जी मारुति धाम देवरघटा से सभी की खुशहाली के लिए आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे।